कुख्यात बदमाश सुंदर भाटी के नाम पर बिल्डर से
ठ्ठ बिल्डर के यहां काम कर चुकी महिला ने अपने मित्र रविंद्र के साथ मिलकर रची थी साजिश
ठ्ठ कॉल करने के लिये मोबाइल की व्यवस्था की थी फरार अंश मित्तल ने
ठ्ठ १४ अप्रैल को बिल्डर ने इंदिरापुरम में दर्ज कराई थी एफआईआर
ठ्ठ गैंग का पर्दाफॉश करने वाले क्राइम ब्रांच को मिलेगा ५० हजार का पुरस्कार
प्रमुख अपराध संवाददाता
गाजियाबाद (युग करवट)। इंदिरापुरम थाना क्षेत्र में प्रोपर्टी डीलिंग का कारोबार करने वाले बिल्डर अर्पित गुप्ता से कुछ दिन पहले कुख्यात बदमाश सुंदर भाटी के नाम से १० करोड़ की फिरौती मांगी थी। फिरौती ना देने पर फोन करने वाले बदमाशों ने जहां बिल्डर के अबोध बेटे को अगवा करने व वादी को भुगत लेने की धमकी दी थी वहीं उसके परिवार का खात्मा करने की बात भी कही थी।
उक्त वारदात की रिपोर्ट जब बिल्डर ने इंदिरापुरम थाने में दर्ज करा दी तो क्राइम ब्रांच प्रभारी अनिल सिंह राजपूत की टीम ने एसएचओ रवेंद्र गौतम की टीम के साथ मिलकर फिरौती मांगने वाले बदमाशों को पकडऩे में देरी नहीं लगाई। यह जानकारी देते हुए डीसीपी ट्रांस हिंडन का प्रभार देख रहे पुलिस उपायुक्त नगर धवल जायसवाल ने बताया कि क्राइम ब्रांच एवं इंदिरापुरम थाने की संयुक्त टीम ने एक महिला अभियुक्ता समेत तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया। जबकि इस गैंग का एक और अभियुक्त अंश मित्तल, जिसने तीनों अपराधियों को फिरौती की कॉल करने के लिये फर्जी आईडी पर पुराना मोबाइल दिलवाया था, को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जायेगा। श्री जायसवाल ने बताया कि पकड़े गये अभियुक्तों के पास से वारदात में प्रयुक्त मोबाइल व चार और मोबाइल बरामद हुए। डीसीपी ने बताया कि क्राइम ब्रांच के द्वारा पकड़े गये अभियुक्तों के नाम सरगना रविंद्र उर्फ रोबिन निवासी कचैड़ा दादरी हाल १४१७ ग्राउंड फ्लोर सैक्टर २ वेव सिटी, उसकी महिला मित्र सविता उर्फ सवी चौधरी पत्नी दिनेश चौधरी निवासी मकान नंबर ३/३५२ ग्राउंड फ्लोर किंग वुड एंक्लेव सैक्टर ३ वेव सिटी और तुषार बैसोया निवासी मकान नंबर १०९ तृतीय तल सैक्टर ४ वेव सिटी हैं। पूछताछ में रविंद्र उर्फ रोबिन ने बताया कि वह प्रोपर्टी डीलिंग का काम करता रहा है। इसके चलते ही उसके संबंध बिल्डर अर्पित गुप्ता से थे। इन्हीं संबंधों का हवाला देकर उसने अपनी महिला मित्र सविता उर्फ सवी चौधरी को अर्पित गुप्ता के नोएडा स्थित ऑफिस में रखवा दिया था। लेकिन जब कुछ समय पहले बिल्डर ने उसकी मित्र को निकाल दिया तो सवी चौधरी ने उसे बताया कि बिल्डर के पास मोटा कैश हर समय रहता है। अगर उसे भयभीत करके उसे मोटी रकम मांगी जाये तो उनके व्यारे के न्यारे हो सकते हैं। उसके बाद उसने इस वारदात को अंजाम देने के लिये प्रोपर्टी का काम करने वाले अपने परिचित तुषार बैसोया व अंश मित्तल को भी मिला लिया। फिर उन्होंने अलग अलग स्थानों की लोकेशन से बिल्डर को कुख्यात बदमाश सुंदर भाटी का भया दिखाकर उससे १० करोड़ की फिरौती मांगी। रोबिन ने यह भी बताया कि उनका सुंदर भाटी से कोई संबंध नहीं हैं।