गाजियाबाद (युग करवट)। प्रथम स्वतंत्रता संग्राम 1857 शहीद स्मारक समिति द्वारा शहीद स्थल मेट्रो स्टेशन के पास समारोह आयोजित किया गया। समिति के अध्यक्ष पंडित रामआसरे शर्मा ने बताया कि हिंडन नदी के ऐतिहासिक युद्ध में क्रांतिकारियों ने अंग्रेजो का घमंड चकनाचूर किया था। 31 मई का दिन भारतीय इतिहास में सदा याद किया जाता रहेगा क्योंकि 30 व 31 मई 1857 को ब्रिटिशकालीन भारत में दुनिया की सबसे प्रशिक्षित अंग्रेजी फौज व भारत के क्रान्तिकारियो कीसेना का मुकाबला गाजियाबाद में बहती हिंडन नदी के तट पर हुआ था। संस्था के प्रवक्ता बीके शर्मा हनुमान ने बताया कि प्रथम स्वतंत्रता संग्राम भारतीय इतिहास का एक ऐसा दिव्य तथा भव्य अध्याय है, जिसमें धर्म, वर्ग, जातियों की सभी दीवारें ध्वस्त हो जाती हैं और जनसमूह के रूप में भारत की आत्मा मुखर होती है। इस अवसर पर पीएन गर्ग, संदीप त्यागी रसम, सुनीता बहल, विनीता पाल, एनएस तोमर, संजय सिंह, दिलीप कुमार, एसके मिश्रा, ए खालिद, वसीम, एसके सिकदर, ब्रजन विश्वास, अभिजीत दत्ता, किंकर राय, आलोक चंद शर्मा, ऐके जैन, योगेन्द्र बल्हारा, अरुण खाना, हरेन्द्र, संतोष दीक्षित, उमेश शर्मा, सुरेश सिंह, उत्कर्ष पाण्डे, आदर्श पाण्डे शैंकी, मोहित कुमार, संजय, एके जैन, फरमान अली, श्यामलाल सरकार, बप्पा देव, राम अवतार, अतुल शर्मा, आरपी शर्मा, एनएस तोमर, सपन सिकदर, एसके मलिक, ब्रजन विश्वास, मोमिन, सुबोध त्यागी, वसीम, कृष्ण कुमार, केपी सरकार, सतीश, संजय सिंह, दिलीप कुमार अमेश विश्वास मौजूद थे।