नई दिल्ली (युग करवट)। पुणे के खडकवासला स्थित एनडीए में 150वें कोर्स की पासिंग-आउट परेड की समीक्षा जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने की। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने यह साबित कर दिया कि जब राष्ट्र की इच्छाशक्ति सटीकता और दृढ़ संकल्प के साथ व्यक्त होती है, तो भारत उकसावे का जवाब किस तरह देता है। उन्होंने कहा कि इस अभियान ने देश की सैन्य प्रतिक्रिया का नया मानक स्थापित किया है और अब इस मानक को बनाए रखने की जिम्मेदारी युवा सैन्य अधिकारियों की होगी। जनरल द्विवेदी ने कहा कि आज की दुनिया में सुरक्षा चुनौतियां तेजी से बदल रही हैं। खतरे अब हमेशा वर्दी पहनकर या किसी घोषित मोर्चे से नहीं आते। विवादित ग्रे-जोन से लेकर तेज हाइब्रिड युद्ध तक, मौजूदा सुरक्षा वातावरण में सैनिकों को त्वरित और रणनीतिक सोच के साथ कार्य करना होगा। उन्होंने कैडेट्स से कहा कि भविष्य में चाहे वे किसी भी सैन्य सेवा में जाएं, उन्हें फिर से कंधे से कंधा मिलाकर देश की सेवा करनी होगी।
सेना प्रमुख ने उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहने और ऑपरेशन सिंदूर जैसे अभियानों से मिली प्रेरणा को आगे बढ़ाने का संदेश दिया।