गाजियाबाद (युग करवट)। आचार्य प्रमोद कृष्णम ने समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके लिए नमाजवाद ही समाजवाद है आचार्य प्रमोद कृष्णम् ने कहा कि नमाजवाद कोई बुरी बात थोड़ी ही है। उन्होंने कहा कि नमाजवाद होना कोई गलत काम नहीं है, कोई गुनाह नही है। इस्माल मजहब बड़ा ही पाक है। लेकिन अगर अखिलेश यादव को नमाजवादी होना है तो वह पूरी तरह से हों, सिर्फ दिखावा ना करें। लाल टोपी लगाकर नमाजवादी नहीं हो सकते। उसके लिए जालीदार टोपी पहननी पड़ती है। वह मजलिस भी पढ़े। उन्होंने कहा कि मै यह नहीं कह रहा हॅू कि वह सुन्नत करा लें लेकिन कम से कम वास्तवितक नमाजवादी तो हो, दिखावे के बनें। इस्लाम में नमाजवादी होना बड़े ही फ्रख का काम है। नमाज के लिए नीयत बांधनी पड़ती है। लेकिन अखिलेश की नीयत ठीक नहीं है। यह अखिलेश यादव का समाजवाद, डॉ.राममनोहर लोहिया का समाजवाद नहीं है। अखिलेश और डॉ.लोहिया का सम्बंध ऐसा है जैसे महात्मा गांधी और राहुल गांधी के बीच का सम्बंध है। महात्मा गांधी का एक भी लक्षण राहुल गांधी में नहीं है। ऐसे ही अखिलेश यादव में भी एक भी लक्षण डॉ.लोहिया का नहीं है। डॉ.लोहिया के लिए पूरा समाज ही एक परिवार था। आचार्य प्रमोद कृष्णम् का ये बयान अपने आप में बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने जहां इस्लाम धर्म को पाक बताया वहीं अखिलेश को पूरा आईना दिखाया। ऐसा बयान आचार्य ही दे सकते हैं। आपको ये भी पता है कि आचार्य प्रमोद कृष्णम् प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भी बेहद निकट और प्रधानमंत्री कल्कि धाम में माथा भी टेक चुके हैं। साथ ही प्रमोद कृष्णम् जब घर में गिर गये थे तब प्रधानमंत्री ने फोन करके उनके स्वास्थ्य के बारे में उनसे बात भी की थी। आचार्य प्रमोद कृष्णम् भी कहते हैं कि वो पूरी तरह प्रधामंत्री के साथ हैं। क्योंकि प्रधानमंत्री ने चाहे धर्म का मामला हो या सनातन का मामला हो या देश का मामला हो हमेशा उसको सबसे ऊपर रखा है।