गाजियाबाद (युग करवट)। राजनगर एक्सटेंशन स्थित वीवीआईपी क्लब में सोमवार को आयोजित नारी शक्ति वंदन प्रेस वार्ता अव्यवस्थाओं और आपसी तालमेल की कमी के कारण विवादों में घिर गई। कार्यक्रम का उद्देश्य जहां महिलाओं के 33 प्रतिशत आरक्षण बिल को लेकर सरकार की उपलब्धियों को प्रचारित करना था, वहीं आयोजन की खामियों ने पूरे कार्यक्रम की गंभीरता पर सवाल खड़े कर दिए। प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए मेयर सुनीता दयाल ने महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण बिल को ऐतिहासिक बताते हुए केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री की सराहना की। उन्होंने कहा कि लंबे समय से लंबित यह मुद्दा अब जाकर साकार हुआ है, जिससे महिलाओं को नीति निर्धारण में भागीदारी का अवसर मिलेगा। उन्होंने सरकारी योजनाओं का जिक्र करते हुए महिलाओं को सशक्त बनाने की बात भी कही। लेकिन कार्यक्रम के दौरान ही हालात अचानक बदल गए।
आयोजन में सबसे बड़ी चूक प्रेस को भेजे गए निमंत्रण को लेकर सामने आई। भाजपा के नए मीडिया प्रभारी नीरज शर्मा द्वारा भेजे गए निमंत्रण में न तो मेयर सुनीता दयाल का नाम शामिल था और न ही कोई संपर्क विवरण दिया गया था। इसके चलते बड़ी संख्या में मीडिया कर्मी कार्यक्रम में नहीं पहुंचे, जिससे हॉल लगभग खाली नजर आया। इस लापरवाही पर मेयर सुनीता दयाल ने खुलकर नाराजगी जताई। उन्होंने मंच से ही सवाल उठाते हुए कहा कि जब उन्हें प्रेस को संबोधित करना था, तो निमंत्रण में उनका नाम क्यों नहीं जोड़ा गया। साथ ही उन्होंने कार्यक्रम स्थल को लेकर भी असंतोष जाहिर किया और कहा कि इतनी दूर वीवीआईपी क्लब में आयोजन करने का निर्णय भी समझ से परे है। उनका कहना था कि यदि उन्हें पहले जानकारी होती तो वह इसे शहर के अधिक सुलभ स्थान पर आयोजित करवातीं। कम संख्या में पहुंचे मीडिया कर्मियों और अव्यवस्थित आयोजन को देखकर मेयर ने खुद को उपेक्षित और अपमानित महसूस किया। नाराजगी के चलते उन्होंने अपना संबोधन समाप्त करते ही कार्यक्रम बीच में छोड़ दिया और वहां से चली गईं। हैरानी की बात यह रही कि कार्यक्रम में मौजूद रिचा सूद, रत्ना त्यागी और विभा रावत ने अव्यवस्थाओं के चलते नारी शक्ति वंदन जैसे महत्वपूर्ण विषय पर एक शब्द तक नहीं बोला। क्योंकि कार्यक्रम भी अजीब तरीके से आयोजित किया गया था। प्रधानमंत्री द्वारा नारी शक्ति को लेकर कल जिस तरह से कार्यक्रम आयोजित हुए लेकिन गाजियाबाद में जिस तरह की तस्वीर देखी गई ये भी अपने आप में बड़ा सवाल है। सूत्र बताते हैं कि महापौर सुनीता दयाल इस संबंध में हाईकमान को पत्र द्वारा प्रधानमंत्री के इस कार्यक्रम की जिस तरह अधूरी तैयारी की गई थी इसको लेकर अवगत करा रही है।