नोएडा (युग करवट)। उत्तर प्रदेश सरकार और पुलिस यदि यह मान रही है कि हिंसा और बवाल के पीछे बाहरी और असामाजिक तत्व हो सकते हैं तो इसके पीछे वाजिब कारण भी है। दरअसल पुलिस पर पथराव कर रहे कुछ लोगों ने अपने चेहरे छुपा रखे थे। यह तभी किया जाता है जब सब कुछ सुनियोजित हो। ऐसा अमुमन किसी आंदोलन में नहीं होता। नोएडा मामले में हिंसा शुरू होते ही लोगों ने इसमें बाहरी तत्वों के शामिल होने के कयास लगाने शुरू कर दिये। इसी तरह सोशल मीडिया पर लोगों के मारे जाने की फेक न्यूज चलाई गईं, उसके साथ आनली कांग्रेस कैन सेव इंडिया जैसे नारे भी लिखे गए। सोशल मीडिया पर भडकाऊ पोस्ट डाले गए। नोएडा पुलिस ने दो हैडल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।