गाजियाबाद (युग करवट)। जीडीए वीसी नंदकिशोर कलाल अपने विजन से गाजियाबाद को नई दिशा देने का लगातार प्रयास कर रहे हैं। उनकी कई पहल काफी सराहनीय रहीं हैं। अब जीडीए वीसी नंदकिशोर कलाल की योजना संस्कृत दर्शन पार्क का काम अंतिम चरण में पहुंच गया है। सम्भावना है कि शहरवासियों को दिवाली के आसपास इस पार्क का तोहफा मिल सके। जीडीए इसे जल्द ही आम जन के लिए खोलने जा रहा है। श्री कलाल ने बताया कि 14 करोड़ की लागत से इस पार्क का निर्माण कराया जा रहा है। इस पार्क को जीडीए भारत की समृद्घ सांस्कृतिक एवं ज्ञान पंरपरा को ध्यान में रखकर विकसित करा रहा है। पार्क में वेद, उपनिषद, महाकाव्य, भारतीय दर्शन, संस्कृत साहित्य से जुड़े विषयों की प्रतिकृति के माध्यम से दर्शाया जाएगा। जिससे युवा पीढ़ी भारतीय ज्ञान परंपरा के बारे में जान सके। इसके अलावा संस्कृत के श्लोक, सुक्तियां, आर्कषक लैंडस्केपिंग, फाउंटेशन, जल सरंचनाएं, आधुनिक प्रकाश व्यवस्था इस पार्क में होंगी। इसके अलावा पार्क में आने वालों के मनोरंजन का भी ध्यान रखा जाएगा। यह सामान्य उद्यान नहीं होगा बल्कि ज्ञान, संस्कृति, प्रकृति व आधुनिकता के समन्वय से तैयार ज्ञान और मनोरंजन का स्ािल होगा। पार्क का निर्माण कार्य अंतिम चरण में चल रहा है, इसके चलते इस सम्भवता अक्टूबर के अंतिम सप्ताह तक आम जन के लिए खोला जाएगा।