भाजपा के अंदर अजीब स्थिति
भाजपा विश्व की सबसे बड़ी पार्टी है। जाहिर है जब बड़ा नाम होता है तो फिर चर्चें भी बड़े होते हैं। देश की बात हो, प्रदेश की बात हो या फिर स्थानीय स्तर की बात हो गुटबाजी होना स्वाभाविक है। गाजियाबाद की बात करें तो यहां पर स्थिति ऐसी बन गई है कि सब अपने-अपने अलग-अलग खेमों में बंटे हुए हैं। कई बड़े नेता भी खूब गुटबाजी को हवा दे रहे हैं। गाजियाबाद पूरा भगवामय है, चारों तरफ कमल खिला है, पार्षद से लेकर मेयर तक और विधायक से लेकर सांसद तक सब भाजपा के हैं। लेकिन जितना विकास या जितना जनता को लाभ मिलना चाहिए था आपसी गुटबाजी के चलते नहीं मिल पा रहा है। दिल्ली और लखनऊ में सरकार भी भाजपा की है। इतना ही नहीं जब से निगम बना है तब से देश और प्रदेश में चाहे किसी की सरकार रही हो निगम में हमेशा बहुमत भाजपा का ही रहा और भाजपा का ही मेयर रहा। आज की बात करें तो मेयर सुनीता दयाल लगातार भूमाफियाओं के खिलाफ आवाज उठा रही हैं, कार्रवाई कर रही है लेकिन उन्हें अन्य जनप्रतिनिधियों का समर्थन नहीं मिल रहा है। इतना ही नहीं मेयर सुनीता दयाल अलग हैं और दूसरे जनप्रतिनिधि अलग हैं। गाजियाबाद का सौभाग्य है कि भाजपा की सरकार जब से बनी है तब से यहां मंत्री भी बन रहे हैं। वर्तमान में एक कैबिनेट मंत्री और एक राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार हैं। कैबिनेट मंत्री सुनील शर्मा जरूर वास्तव में लोगों के बीच मौजूद रहते हैं, लेकिन उन्हें भी अब गुटबाजी का शिकार बना दिया गया है। सांसद का अलग अपना एक खेमा बना है उसमें शहर विधायक संजीव शर्मा उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रहे हैं और कभी-कभी मुरादनगर के विधायक अजितपाल त्यागी भी सांसद के साथ देखे जाते हैं। जब २०१७ में पहली बार भाजपा की सरकार बनी थी तब पांच विधायकों का एक गुट बना था और उसका बोस साहिबाबाद से विधायक सुनील शर्मा को बनाया गया था। ये गुट इसलिए बना था कि गाजियाबाद में चाहे किसी अफसर के खिलाफ बात होगी या उसकी शिकायत होगी तो पांचों मिलकर करेंगे। विकास की बात होगी तब मुट्ठी बंद करके सब एक साथ खड़े होंगे लेकिन आहिस्ता-आहिस्ता ये मुट्ठी खुल गई और सब अलग-अलग हो गये। आज सुनील शर्मा और सुनीता दयाल को एक माना जाता है बाकी सब अलग है। 2027 का विधानसभा चुनाव आ रहा है जनता रिपोर्ट कार्ड पर फैसला करेगी इसलिए जरूरी है कि एक बार सब मिलकर गाजियाबाद के विकास के लिए प्रयास करें क्योंकि और दलों से ज्यादा आज भी भाजपा पर भरोसा करती है। जय हिंद