केंद्रीय मंत्रिमंडल का विस्तार

केंद्र में इस समय हालात ठीक नहीं चल रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने ही मंत्रियों के व्यवहार से नाराज हैं। दरअसल, कई मंत्री ऐसे हैं जो सार्वजनिक मंचों से भी अपनी पीड़ा व्यक्त करने लगे हैं। उत्तर प्रदेश का विधानसभा चुनाव और फिर २०२९ के लोकसभा चुनाव को लेकर अभी से ही गोटियां फिट की जाएगी। दरअसल, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के बाद केंद्र सरकार हो चाहे राज्य सरकार हो जेनजी और और जेनअल्फा से अंदरखाने बहुत परेशान हैं। पांच सितंबर को लेकर फिर आंदोलन की धमकी दी गई है ऐसे में सरकार पहले से ही कुछ ऐसा करना चाहती है जिससे सकारात्मक संदेश जाए। वहीं चर्चा चल रही है कि मंत्रिमंडल के विस्तार को लेकर भी अंदरखाने विरोध चल रहा है। कुछ मंत्री इस्तीफा देना चाह रहे हैं कुछ नहीं। अब चर्चा है कि एक बार सभी मंत्रियों से इस्तीफा लिया जाएगा और फिर नये मंत्रियों को शपथ दिलाई जाएगी। इसमें युवाओं की संख्या ज्यादा होगी और महिलाओं की संख्या भी बढाई जाएगी। दरअसल, अब कोई भी चुनाव हो वो युवाओं और महिलाओं पर ही फोकस रहेगा। इसलिए भाजपा हाईकमान केंद्र सरकार में इन दोनों की भागीदारी बढ़ाने का दबाव बनाये हुए हैं। जंतर-मंतर के प्रदर्शन के बाद सरकार की कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल उठने लगे हैं। आरएसएस भी अब केंद्र सरकार की व्यवस्थाओं पर सवाल उठा रही है। अभी हाल ही में दिल्ली में सम्मेलन भी होने जा रहा है इसलिए विस्तार को फिलहाल टाला गया है। सम्मेलन के बाद मोदी मंत्रिमंडल में बहुत कुछ बदलाव दिखाई देगा। चर्चा ये भी है कि तीन वरिष्ठ मंत्रियों को भी साइड-लाइन किया जा सकता है। एक मंत्री पहले ही दबी जुबान से कह चुके हैं कि वो मंत्रिमंडल में रहना नहीं चाहते। इसलिए अब नई टीम को जोड़ा जाएगा। स्मृति ईरानी को संगठन में लाकर बड़ा संदेश दिया गया है। यही कारण है कि आज लखनऊ कार्यशाला में वो मौजूद है और लंबे समय से वो हाशिए पर थी लेकिन आज जब वो लखनऊ पहुंची तो जबरदस्त स्वागत किया गया। इतना ही नहीं अब वो पहले की तरह बेबाक बयानबाजी भी कर रही हैं जाहिर है फिर पुराने चेहरों के लिए अच्छे दिनों की शुरूआत होने वाली है।
जय हिंद