यूपी विधानसभा चुनाव २०२७
विधानसभा चुनाव २०२७ को लेकर हर दल अपनी-अपनी तैयारी में व्यस्त है और जो सत्तारूढ दल होता है उसके लिए चुनाव की तैयारी काफी अहमियत रखती है। यूपी में साढ़े नौ साल से योगी सरकार है। इसमें कोई दोराय नहीं २०१७ में जब भाजपा की सरकार बनी, उसके बाद लोगों को काफी राहत मिली, कानून व्यवस्था भी ठीक रही लेकिन २०२२ के बाद जब सरकार रिपीट हुई उसके बाद २०१७ जैसा माहौल दिखाई नहीं दिया। भाजपा के अंदर इतनी गुटबाजी हो गई कि भाजपा के अंदर भाजपा को ही कमजोर करने की रणनीति शुरू हो गई और तीन साल से यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं चलने लगी। दिल्ली से मुख्यमंत्री के रिश्ते अच्छे नहीं रहे लेकिन दिल्ली वालों के अंदर इतनी हिम्मत नहीं रही कि वो शिवराज चौहान की तरह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को दिल्ली बिठा सके। लेकिन फिर भी योगी जी को कमजोर करने की कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही है। दोनों उपमुख्यमंत्री दिल्ली वालों के दूत की तरह अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। जाहिर है कि जब भाजपा को भाजपा वाले ही कमजोर करेंगे तो फिर विपक्ष को कुछ करने की जरूरत नहीं है। हालांकि २०२२ की रिपीट सरकार ने कुछ जाति विशेष के लोगों को ज्यादा भाव दिया जाने लगा जिससे अन्य जाति के लोग भाजपा से नाराज होने लगे। खासकर ब्राह्मïण समाज की नाराजगी जगजाहिर है। २०२४ के लोकसभा चुनाव में इंडिया गठबंधन ने जिस तरह का प्रदर्शन किया उससे भाजपा हाईकमान अभी तक नहीं उभर पाया। चार सौ पार का दावा करने वाली भाजपा बैसाखियों पर आ गई और यूपी में ६२ से ३३ पर ही सिमट कर रह गई। यहीं से दिल्ली वाले योगी जी पर और हमलावर हो गये। अब जिस तरह के सर्वे आ रहे हैं वो कम चौंकाने वाले नहीं है। एक पोल ट्रेकर ने दो लाख से अधिक लोगों पर सर्वे किया जिसमें कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आये हैं। ये सर्वे राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण के बाद अभी हाल ही में किया गया है। पोल ट्रेकर के अनुसार 58 प्रतिशत लोग योगी सरकार से खुश नहीं हैं। 36 प्रतिशत लोग अतिसंतुष्टï है और 22 प्रतिशत लोग संतुष्टï हैं। सीटों की बात करें तो इंडिया गठबंधन यानि विपक्ष को 44 प्रतिशत का समर्थन है और वो आज अगर चुनाव हो जाए तो 2़12 से 229 सीटें उनको मिल रही हैं। जबकि एनडीए को 39 से 45 प्रतिशत समर्थन के साथ 160 से लेकर 182 सीटें मिलने का दावा किया गया है। पोल ट्रेकर के सर्वे के बाद भाजपा में हडक़ंप मच गया है और अब स्थिति को मजबूत करने और पलटने के लिए हर तरह के तीर चलाने की तैयारी की जा रही है। जय हिंद