युग करवट स्थापना दिवस
युग करवट के स्थापना दिवस पर गाजियाबाद एवं आसपास के पाठकों के साथ विभन्न राजनीतिक दलों एवं सामाजिक संगठनों जिस तरह उम्मीद से कहीं ज्यादा स्नेह दिया वास्तव में मेरे पास उसके धन्यवाद के लिए शब्द नहीं है। युग करवट की यही ताकत है १९ वर्ष पहले जिस तरह से युग करवट की शुरूआत हुई थी और लोगों का प्यार मिला था २०वें वर्ष में प्रवेश पर उसे कहीं अधिक युग करवट को लोगों ने प्यार दिया। स्थापना दिवस पर ना कोई बड़ा कार्यक्रम था और ना ही कोई भव्य आयोजन लेकिन लोगों ने आकर एक छोटे से प्रयास को भव्य बना दिया। ऐसा भव्य बनाया कि शायद इसकी कल्पना भी नहीं की थी। सुबह से शुरू हुआ लोगों के प्यार का सिलसिला रात दस बजे तक जारी रहा। इतना ही नहीं अगले दिन भी लोग आकर अपने प्यार का अहसास कराते रहे। युग करवट की पूरी टीम इस प्यार को हमेशा याद रखेगी और जो उम्मीदें पाठकों की है उस पर हमेशा खरा उतरेगी ये विश्वास दिलाते हैं। आने वाले सभी लोगों की जुबां पर जो शब्द थे कि युग करवट पत्रकारिता के मापदंड पूरे करता है 19 वर्ष में युग करवट जिस तरह की पत्रकारिता की है एक मिसाल है। विभिन्न राजनीतिक दलों की ये प्रतिक्रियाएं हमारा उत्साह और बढ़ाती हैं। लोगो के शब्द एक ताकत देते हैं। लोगों के शब्द एक नई ऊर्जा देते हैं, हम विश्वास दिलाते हैं कि हमेशा की तरह युग करवट आपकी आवाज बना रहेगा। पत्रकारिता की दुनिया बहुत बदली है। मीडिया को तरह-तरह के नामों से पुकारा जाने लगा है। ऐसे बदले जमाने में युग करवट के प्रति लोगों का उत्साह और उसके बारे में जो शब्द बोले गये हैं यही सबसे बड़ी युग करवट की पूंजी है। युग करवट का हर सदस्य केवल और केवल पत्रकारिता करता है और लोगों की आवाज बनकर उनके साथ खड़ा रहता है। हम आपको भरोसा दिलाते हैं कि जनहित के मुद्दे पर आज जहां युग करवट को पुकारेंगे वहां खड़ा पाएंगे। क्योंकि युग करवट ने पहले दिन पहले अंक यानी २००७ में प्रथम पृष्ठ पर लिखा था कि कभी समझौता नहीं करते और आज इस संकल्प पर कायम है और आगे भी रहेंगे। एक बार सभी लोगों का जो युग करवट के साथ खड़े हुए और छोटे से प्रयास को भव्य आयोजन बना दिया तहेदिल से आभार। जय हिंद