पुलिस-प्रशासन को मुस्तैद रहने की जरूरत
जब-जब चुनाव आते हैं तब-तब असामाजिक तत्व कुछ ऐसी घटना कर देते हैं जिससे माहौल गरम हो जाए। हर चुनावी मौसम में बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमा क्षतिग्रस्त की जाती है। जातीय संघर्ष को लेकर भी घटनाएं हो जाती हैं। ये सबकुछ एक बड़ी योजना के तहत होता है। चुनाव का माहौल किस तरह प्रभावित किया जाए इसके पीछे बड़ा षडय़ंत्र होता है। मोदीनगर में भी विगत वर्ष बाबा साहेब की प्रतिमा क्षतिग्रस्त की गई थी और अब थाना कोतवाली क्षेत्र के अतंर्गत नवयुग मार्केट में बाबा साहेब की प्रतिमा को खंडित करने का प्रयास किया गया। एक आंख फोड़ी गई और सब्जी फेंकी गई। इतना ही नहीं एक जाति विशेष का नाम भी लिखा गया। बाबा साहेब को लेकर पूरे देश में एक सम्मान है और जब इस तरह की घटनाएं होती है तो उनके समाज के अलावा अन्य समाज के लोगों में भी आक्रोश होना स्वाभाविक है। प्रशासन हर बार की तरह तत्काल एक्शन लेता है, प्रतिमा ठीक कराई जाती है या बदली जाती है। सवाल ये नहीं है सवाल ये है कि आखिरकार जो लोग माहौल खराब करने की कोशिश करते हैं उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होना चाहिए। अभी हाल ही में यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों, पुलिस कप्तानों और पुलिस आयुक्तों को हिदायत दी थी कि वो छोटी सी घटना को गंभीरता से लें। मुख्यमंत्री का ये कहना बिल्कुल सही है। कहीं ना कहीं उनके पास भी कुछ जानकारियां होंगी कि कुछ असामाजिक तत्व प्रदेश का माहौल खराब करना चाहते हैं। नि:संदेह जब चुनाव का साल होता है तो इस तरह की घटनाएं बढ़ जाती है। पुलिस प्रशासन को चाहिए कि पूरी मुस्तैदी के साथ ऐसे लोगों पर नजर रखे जो उत्तर प्रदेश का माहौल खराब करना चाहते हैं। उत्तर प्रदेश में २०१७ से योगी की सरकार है और पूरे प्रदेश कहीं भी कोई दंगा या माहौल खराब नहीं हुआ। अब अचानक इस तरह की घटनाएं होने लगी है जहां समाज में इसका गलत संदेश जाएगा वहीं विपक्ष को भी एक मुद्दा मिल जाएगा और उत्तर प्रदेश का माहौल जो शांत चल रहा है एकदम गरमा जाएगा। इसलिए चुनाव मौसम में पुलिस प्रशासन की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है कि वो ऐसे असामाजिक तत्वों पर नजर रखें और जो माहौल खराब करने की कोशिश करें उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई हो क्योंकि यूपी अब बदल रहा है यहां पर एक अमन का माहौल है और जो इसे खराब करने की कोशिश करेगा उसे बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री का सीधा आदेश है लेकिन पुलिस प्रशासन अगर मुस्तैद नहीं हुआ तो इस तरह की घटनाएं माहौल खराब कर सकती है। इसलिए अलर्ट रहने की जरूरत है। ताकि माहौल भी शांत रहे और विपक्ष को मौका भी ना मिले।
जय हिंद