यूपी के कैबिनेट मंत्री सुनील शर्मा को करीब से जानने वालों ने भी कभी उन्हें इस तरह से नहीं देखा होगा। मंत्री सुनील शर्मा ने वह किया जो अब तक शायद देश के किसी नेता ने नहीं किया था। जंतर मंतर पर कॉकरोच पार्टी के आंदोलन ने सत्ता और विपक्ष दोनों को एहसास करा दिया था कि भारत में भी जेन-जी ताकत में है। पूरी दुनिया ने पहली बार जेन-जी को नेपाल में देखा, जहां उसने सत्ता की बदल दी। नेपाल की घटना के बाद पुरे विश्व की नजरें जेन-जी की ताकत को तोलने में लग गई थीं। जंतर मंतर पर अगर कुछ गलत बातें हुईं तो कुछ अच्छी चीजें भी देखने को मिलीं। गाली गलौज, अश्लील टिप्पणी और संसद मार्च की घटनाओं को बुरा सपना मानकर दूसरी चीजें देखेंगे तो पाएंगे कि जेन-जी वहां पुलिसकर्मियों और जवानों को पानी भी पिला रहा था। जेन-जी वहां सफाई का भी ध्यान रख रहा था। वो तो कुछ असामाजिक तत्वों ने माहौल बिगाड़ दिया वर्ना तो वहां बड़ा ही सुखद माहौल था। खैर देर आए दुरुस्त आए। अंत भला तो सब भला। प्रधानमंत्री ने गाली देने वाले युवाओं को माफ कर दिया। उसके बाद भाजपा भी जेन-जी की ओर आकर्षित हुई। उसके बाद यूपी के कैबिनेट मंत्री सुनील शार्म के जनसंपर्क कार्यालय पर जो कुछ हुआ वह हैरान कर देने वाला था। सुनील शर्मा के जनसंपर्क कार्यालय पर साहिबाबाद विधानसभा क्षेत्र का जेन-जी एकत्र था। मगर वहां सरकार विरोधी नारे नहीं देश भक्ति के गाने गूंज रहे थे। वहां किसी को गाली नहीं बल्कि सुनील शर्मा की वाहवाही हो रही थी। वहां लाठीचार्ज नहीं हो रहा था, बल्कि मंत्री सुनील शर्मा जेन-जी के कांधे पर थे। इतना ही नहीं युवाओं के साथ मंत्री सुनील शर्मा केवल थिरक नहीं रहे थे बल्कि झूम कर नाच रहे थे। नाचे भी क्याों ना, आखिर जो जेन-जी देश भर में भाजपा नेता को गाली दे रहे थे, साहिबाबाद में मंत्री सुनील शर्मा को कांधे पर उठाए जय-जयकार कर रहे थे। मुझे याद नहीं कि पूरे देश में ऐसा नजारा किसी और जनप्रतिनिधि के कार्यालय पर या उसके साथ ही कहीं देखा गया है। यह मंत्री सुनील शर्मा की लोकप्रियता का परिणाम था। साहिबाबाद का युवा खुलकर सुनील शर्मा के साथ दिखाई दे रहा है।