नोएडा (युगकरवट)। गुर्जरों की राजधानी के रूप में प्रसिद्ध दादरी में भारतीय जनता पार्टी के नेताओं द्वारा आयोजित की गई आत्मनिर्भर भारत रैली मे गौतम बुद्ध नगर के सांसद डॉक्टर महेश शर्मा ने साबित कर दिया कि वह वास्तव में राजनीति के चाणक्य हैं। उनको राजनीतिक मात देने के लिए कुछ नेताओं ने गहरी चाल चली थी, जिसे उन्होने मात दे दी। इस रैली से शुरुआत में उन्हें किनारा कर दिया गया था, लेकिन सांसद ने ऐसी चाल चली की पूरी रैली को हाईजैक कर लिया और रैली में मौजूद अपार जनसमूह डॉ महेश शर्मा की जयघोष और तारीफ करता नजर आया। सोशल मीडिया पर भी उनकी जमकर तारीफ हो रही है। राजनीति के जानकारो का कहना है कि उन्होंने अपने खिलाफ षडयंत्र रचने वालों को ऐसी मात दी कि वे शायद कई वर्षों तक इस बात को भूल नहीं पाएंगे। भाजपा के एक किसान नेता ने कहा कि यह तो वही बात हुई की खेत किसी ने बोया, फसल कोई और काट गया भाजपा के कार्यकर्ता और नेता भी सोशल मीडिया पर कमेंट कर रहे हैं, जिसमें डॉक्टर महेश शर्मा को राजनीति का चाणक्य बताया जा रहा है।
मालूम हो कि दादरी में एक अगस्त को यूपी के बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और पश्चिमी यूपी के नव नियुक्त क्षेत्रीय अध्यक्ष नवाब सिंह नागर के स्वागत में एक रैली आयोजित की जा रही थी। भाजपा के सूत्रों के अनुसार इस रैली के आयोजक विजेंद्र सिंह भाटी थे। वह राज्यसभा सांसद सुरेंद्र नागर के खासे नजदीकी बताए जाते हैं। सूत्रों के अनुसार राज्यसभा सांसद ने नवनियुक्त क्षेत्रीय अध्यक्ष नवाब सिंह नागर को आगे कर अपने समर्थको द्वारा यह आयोजन प्रस्तावित करवाया। इसमें डॉक्टर महेश शर्मा को अलग-थलग कर दिया गया था। डॉ महेश शर्मा और उनके समर्थकों के यह बात नागवार गुजरी तथा उन्होंने आला कमान से इस बात की शिकायत की। उन्होने एक अगस्त की रैली को निरस्त करवा दिया। फिर इसे 4 अगस्त को रखा गया। डॉक्टर महेश शर्मा की टीम ने इस बात का विरोध किया और 4 अगस्त की रैली टल गई। उसके बाद काफी मान- मनोवल के बाद यह रैली 3 अगस्त को तय हुई। इसी बीच नवनियुक्त क्षेत्रीय अध्यक्ष नवाब सिंह नागर को लखनऊ में जाकर अपनी सफाई देनी पड़ी। उसके बाद रैली 3 अगस्त को यानि सोमवार को हुई।
इस रैली में असली जोर आजमाइश भाजपा के दो दिग्गज नेताओं राज्यसभा सांसद सुरेंद्र सिंह नागर और लोकसभा सांसद डॉ महेश शर्मा के बीच रही। भाजपा सूत्रों के मुताबिक कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए पूरी मेहनत राज्यसभा सांसद सुरेंद्र सिंह नागर, विजेंद्र सिंह भाटी और उनकी टीम ने की। किंतु कार्यक्रम के दौरान परिदृश्य तब बदल गया जब पूर्व केंद्रीय मंत्री और सांसद डॉक्टर महेश शर्मा अपनी टीम के साथ मंच पर पहुंचे। उनके साथ विधायक तेजपाल नागर, महामेधा नागर, जिला अध्यक्ष अभिषेक शर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष अमित चौधरी, दादरी नगर पालिका की अध्यक्ष गीता पंडित सहित भारी संख्या में कार्यकर्ता एक साथ मंच पर पहुंचे। भाजपा सूत्रों के अनुसार सुरेंद्र सिंह नागर द्वारा नवाब सिंह नागर को आगे कर राजनीतिक लाभ लेने के खेल को डॉक्टर महेश शर्मा ने अपने रणनीतिक तरीके से इस मंच के जरिए ऐसा पलटा की जनसभा को उन्होंने हाईजैक कर लिया। डॉ महेश शर्मा ने अपने संबोधन में जब कहा कि मैं गुर्जर बिरादरी का कर्जदार हूं तो वहां पर जमकर तालियां बजी और जय घोष हुआ। उन्होंने इस रैली में भावनात्मक और राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बयान देकर जनसमूह का ध्यान अपनी ओर खींचा और पूरे आयोजन में चर्चा के केंद्र बन गए।
वहीं राज्यसभा सांसद सुरेंद्र नागर ने महेश शर्मा के राजनीतिक दांव को बदलने की कोशिश की। उन्होंने पूर्व में दादरी में आयोजित हुई समाजवादी पार्टी की रैली को टारगेट कर बताने की कोशिश की कि आज उन्होंने उससे बड़ी रैली के जरिए भाजपा के हो रहे नुकसान को लाभ में बदल दिया है। लेकिन इसके बावजूद भी डॉक्टर महेश शर्मा की सोशल मीडिया पर जमकर तारीफ हो रही है।
सोशल मीडिया पर गुर्जर समाज के ही एक नेता ने लिखा है कि डॉक्टर महेश शर्मा और सुरेंद्र नागर के बीच आपस में कोई मुकाबला नहीं है। डॉक्टर साहब जनता की राजनीति करते हैं। अपने कार्यकर्ताओं को सम्मान देते हैं, और अपने साथियों को आगे बढ़ाते हैं, जबकि सुरेंद्र नागर की राजनीत केवल सीमित लोगों तक है। ना उन्होंने कभी किसी को नेता बनाया ना किसी को बनाने वाले हैं। इस जनसभा में दादरी विधानसभा सीट की भावी सियासी समीकरण भी स्पष्ट होता दिखाई दिया। मंच पर आयोजक विजेंद्र सिंह भाटी, इंद्र नागर और सत्येंद्र अवाना जैसे चेहरे जो कि आगामी दादरी विधानसभा सीट से टिकट के मुख्य दावेदार हैं, उपस्थित दिखे। इस रैली के बाद वर्तमान विधायक तेजपाल नागर के राजनीतिक भविष्य को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है।
भाजपा नेताओं का कहना है की क्या तीसरी बार मास्टर साहब को टिकट मिल पाएगा। कुछ गुर्जर नेताओं का कहना है कि डॉक्टर महेश शर्मा ही तेजपाल नागर का टिकट बचा पाएंगे। उनके अनुसार गुर्जर समाज के लिए डॉक्टर महेश शर्मा ने हमेशा संघर्ष किया है। उन्होंने भाजपा के ही एक बड़े नेता पर आरोप लगाया है कि वह षड्यंत्र रचकर तेजपाल नागर का टिकट कटवाना चाह रहे हैं। कार्यक्रम के बाद लोग सोशल मीडिया पर नवाब सिंह नगर की जगह डॉक्टर महेश शर्मा के लिए बोले कि कुछ भी कहो डॉक्टर साहब का कोई जवाब नहीं, तो किसी ने यह भी लिखा कि आज नवाब सिंह नागर के समर्थन में आए भारी जनसमूह ने दिखा दिया कि दादरी और गौतम बुद्ध नगर की भाजपा की राजनीत मे वह सबसे नंबर वन है।