एक बार फिर पार्षदों और अधिकारियों के साथ मीडिया से रूबरू हुए विक्रमादित्य सिंह मलिक
हाउस टैक्स को लेकर किसी के बहकावे में ना आये केवल २० प्रतिशत ही बढ़ा है
हाउस टैक्स का विरोध करने वाले पार्षद भी रहे मौजूद, दिखाई दिये संतुष्टï
गाजियाबाद (युग करवट)। हाउस टैक्स विवाद के बीच नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने नगर निगम अधिकारियों के साथ बैठक कर स्पष्ट किया कि 1 अप्रैल 2025 से नई संशोधित दरों के आधार पर ही टैक्स की वसूली की जाएगी। उन्होने प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि 200-300 प्रतिशत बढ़ोतरी के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वास्तविक वृद्धि केवल 10-15 प्रतिशत होगी और पुरानी अतिरिक्त राशि का अगले 3 साल में समायोजन (एडजस्टमेंट) किया जाएगा। नई कर व्यवस्था में आवासीय भवनों पर टैक्स में केवल 10-15 प्रतिशत की वृद्धि होगी। 1 अप्रैल 2024 से लागू मासिक किराया दरों के आधार पर टैक्स तय किया गया है। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने निगम अधिकारियों व निगम पार्षदों को वार्ता के दौरान स्पष्ट किया कि हाउस टैक्स वृद्धि को लेकर शहर में कुछ लोग अपनी राजनीतिक रोटी चमकाने के चक्कर में भ्रांतिया फैला रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना किसी छूट के वृद्धि 20 प्रतिशत तक है, इससे अधिक कोई टैक्स वृद्घि है तो उन्हें बताएं। सभी छूट मिलने के बाद हाउस टैक्स में बढ़ोतरी औसतन 10 प्रतिशत के आसपास और अधिकतम 20 प्रतिशत तक ही है। यह संशोधन 1 अप्रैल 2024 से शासन के निदेर्शों के अनुरूप लागू किया गया है और पूरी तरह नियम संगत है।
उन्होंने कहा कि पहले प्रस्तावित दरों को कम कर संशोधित किया गया है, जिससे नागरिकों को राहत मिली है। नगरायुक्त ने उदाहरण देकर समझाया कि 12 मीटर से कम चौड़ी सडक़ों वाले क्षेत्रों में पहले जहां 3.50 रुपये प्रति वर्गफुट के हिसाब से टैक्स प्रस्तावित था, उसे घटाकर 2.28 रुपये कर दिया गया है। इसी प्रकार 12 से 24 मीटर और 24 मीटर से अधिक चौड़ी सडक़ों वाले क्षेत्रों में भी दरों को संशोधित कर कम किया गया है। भवनों की आय के आधार पर 25 प्रतिशत, 32.5 प्रतिशत और 40 प्रतिशत तक की छूट दी जा रही है। इसके अलावा समय से टैक्स जमा करने पर 20 प्रतिशत, ऑनलाइन भुगतान पर 2 प्रतिशत और कूड़ा पृथक्कीकरण पर 10 प्रतिशत की अतिरिक्त छूट भी लागू है। इन सभी को मिलाकर अधिकतम 92 प्रतिशत तक की छूट का प्रावधान है। 20 वर्ष से अधिक पुराने भवनों पर टैक्स पहले से भी कम हो रहा है। जबकि अन्य श्रेणियों में सीमित बढ़ोतरी है। वहीं कारपेट एरिया के आधार पर गणना करने पर अतिरिक्त 20 प्रतिशत की छूट भी दी जा रही है।
नगर आयुक्त ने अपील की कि नागरिक किसी भी भ्रामक जानकारी पर ध्यान न दें और सही तथ्यों के आधार पर ही हाउस टैक्स जमा करें। उन्होंने कहा कि सभी छूट पूरे वर्ष लागू रहेंगी। इस दौरान अपर नगर आायुक्त अविन्द्र कुमार, डा. मिथलेश, डा. अनुज, एनके चौधरी, सुनील राय, पलवी सिंह अधिकारी मौजूद रहे। पार्षद गौरव सौलंकी, राजकुमार भाटी, नीरज गोयल, राहुल शर्मा, पूनम भारद्वाज, मनोज त्यागी आदि मौजूद रहे।

10 साल तक पुराने मकानों पर बिना प्रमाण मिलेगी छूट
0 से 10 साल तक पुराने मकानों पर हाउस टैक्स में 25 प्रतिशत की छूट के लिए किसी भी प्रकार का प्रमाण देने की जरूरत नहीं होगी। नगर आयुक्त के अनुसार यह छूट स्वत: ही बिल में जुडक़र आएगी। वहीं 10 से 20 साल पुराने मकानों पर 32.5 प्रतिशत और 20 से 40 साल पुराने मकानों पर 40 प्रतिशत तक की छूट का प्रावधान है। हालांकि इन श्रेणियों में छूट लेने के लिए मकान की उम्र का प्रमाण देना अनिवार्य होगा। प्रमाण के तौर पर रजिस्ट्री की कॉपी, पुराना बिजली बिल, उस समय पास हुआ नक्शा या पुराना हाउस टैक्स बिल प्रस्तुत किया जा सकता है।
10 प्रतिशत की छूट लेने के लिए कूड़े की गाड़ी पर देनी होगी हाजरी
हाउस टैक्स में 10 प्रतिशत की छूट पाने के लिए नगर निगम कूड़ा सेग्रिगेशन को अनिवार्य शर्त बना रहा है। यानी अगर किसी का सालाना हाउस टैक्स 4000 रुपये है और वह गीला व सूखा कूड़ा अलग-अलग देता है तो उसे 10 प्रतिशत यानी 400 रुपये की छूट मिल सकती है। लेकिन इस छूट को पाने की प्रक्रिया काफी जटिल बताई जा रही है। इसके लिए कूड़ा गाड़ी के साथ मौजूद हेल्पर के पास एक क्यूआर कोड होगा जिसे टैक्सपेयर को अपने मोबाइल ऐप से रोज स्कैन करना होगा। इसके जरिए यह दर्ज किया जाएगा कि उस दिन कूड़ा अलग-अलग दिया गया है। यानी इस छूट का लाभ पाने के लिए पूरे साल लगभग हर दिन कूड़ा गाड़ी पर अपनी ‘अटेंडेंस’ लगानी होगी।

मेरे वार्ड में हुआ 400 रुपए का फायदा: नीरज गोयल
भाजपा के पार्षद नीरज गोयल ने मीडिया के सामने अपने वार्ड का उदहारण देते हुए कहा कि मैने हाउस टैक्स को लेकर गुणा भाग भी किया। मेरे वार्ड में सडक़े कम चौड़ी है, इसलिए छूट प्राप्त करने पर वार्ड के निवासियों को करीब चार सौ रुपए का फायदा हुआ है ।
गौरव सौलंकी निर्णय को बताया सही
पार्षद गौरव सौलंकी ने नगर निगम अधिकारियों व मीडिया कर्मीयों के सामने हाउस टैक्स पर कम हुई वृद्वि पर बताया कि हाउस टैक्स के मामले में लिया गया निर्णय सही है, 20 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई है अब तीन गुना या चार गुना का मामला साफ हो गया है। उन्होंने यहा यह भी बताया कि इसके लिए पार्षदों की भी समिति बने ओर जनता के बीच में हाउस टैक्स को लेकर स्थिति को स्पष्ट किया जाए।
महापौर को नहीं बुलाया वार्ता में
नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने हाउस टैक्स को लेकर जनता में फैली रही भ्रांतियों को लेकर मीडिया, पार्षदों की एक बैठक बुलाई थी। हालांकि इस बैठक में सौ में से जहां दस पार्षद ही बुलाए गए थे। वहीं महापौर को भी इस बैठक में नहीं बुलाया गया था। वहीं महापौर का कहना है कि उन्हें इस बैठक की कोई जानकारी नहीं दी गई थी।