जनता को ना करे भ्रमित, आज फिर प्रेसवार्ता करेंगे नगरायुक्त
मनीकांत शर्मा
गाजियाबाद (युग करवट)। नगर निगम द्वारा हाउस टैक्स (गृह कर) की बढ़ी हुई दरों को कम करने के फैसले के बाद जनता में कुछ लोग अपनी राजनीति चमकाने के चक्कर में शहर की जनता में भ्रम फैलाने का काम कर रहे है। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने लंबे समय से चल रहे हाउस टैक्स विवाद पर आखिरकार स्थिति स्पष्ट कर दी है। नगर निगम ने नई संशोधित दरें जारी करते हुए दावा किया है कि अप्रैल 2024 के मुकाबले अब अधिकतम 20 प्रतिशत तक ही बढ़ोतरी की गई है। पहले लगाए जा रहे 200 से 300 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी के आरोपों को नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने खारिज कर दिया है। नगर आयुक्त ने कहा कि सभी लागू छूटों को जोडऩे के बाद आवासीय भवनों पर वास्तविक बढ़ोतरी केवल 10 से 15 प्रतिशत के बीच ही रह जाएगी। नई दरें शासन द्वारा तय की गई हैं और इन्हें 2024 से पहले की दरों के आधार पर संशोधित किया गया है। पहले भी प्रेस वार्ता में स्पष्ट किया कि छूट लागू होने के बाद ही अंतिम टैक्स प्रभावी होगा। लेकिन कुछ लोग जनता में भ्रम फैला रहे हैं। इस मामले में आज नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक, निगम पार्षदों के साथ दूसरी बार प्रेस कांफ्रेस कर जनता के सामने अपनी बात रखेगे उन्होंने कहा है कुछ ऐसे लोग है जो ना किसी पद पर ना ही पार्षद है वह सिर्फ अपनी राजनीति चमकाने के चक्कर में जनता के बीच हाउस टैक्स को लेकर भ्रम फैला रहे है।
पुराने भवनों पर राहत जारी
नगर निगम ने पुराने भवनों के मालिकों को बड़ी राहत दी है। 10 साल तक पुराने भवनों पर 25 प्रतिशत, 10 से 20 साल तक 32.5 प्रतिशत और 20 साल से अधिक पुराने भवनों पर 40 प्रतिशत तक की छूट जारी रहेगी। इसके अलावा ऑनलाइन भुगतान करने पर 2 प्रतिशत और कचरा पृथक्करण (सॉलिड वेस्ट सेग्रिगेशन) करने पर 10 प्रतिशत की अतिरिक्त छूट का लाभ मिलेगा।
ऑनलाइन पेमेंट और बकायेदारों को भी राहत
व्यावसायिक भवनों के लिए ऑनलाइन भुगतान पर 2 प्रतिशत की छूट दी जाएगी, हालांकि अन्य किसी श्रेणी में अतिरिक्त लाभ लागू नहीं होगा। इसके साथ ही नगर निगम ने बकायेदारों को तीन महीने तक 12 प्रतिशत ब्याज से राहत देने का भी निर्णय लिया है, जिससे उन्हें टैक्स चुकाने में कुछ राहत मिल सके।
नगर निगम का टैक्स वसूली और स्थिति
वर्ष 2025-26 में नगर निगम को कुल 301 करोड़ रुपये का हाउस टैक्स प्राप्त हुआ है। जिले में कुल 4.52 लाख करदाता हैं, जिनमें से लगभग 2 लाख लोगों ने टैक्स जमा कर दिया है। शेष बकायेदारों को तीन महीने का समय दिया गया है और इस अवधि में किसी प्रकार की पेनल्टी नहीं लगेगी।
पहले जमा टैक्स का होगा समायोजन
नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया है कि जिन लोगों ने पहले बढ़ी हुई दरों पर हाउस टैक्स जमा किया है, उनकी अतिरिक्त राशि का समायोजन अगले तीन वर्षों में किया जाएगा। साथ ही 1 अप्रैल 2025 से संशोधित दरों के आधार पर ही वसूली की जाएगी।
उदाहरण से समझिए बदलाव
एक व्यक्ति का मकान 2024-25 में 4788 रुपये हाउस टैक्स के दायरे में था, जो नए दरों में बढक़र 15625 रुपये तक पहुंच गया था। अब संशोधित दरों के बाद यह टैक्स घटकर 8852 रुपये हो गया है। हालांकि 2024-25 की तुलना में अभी भी करीब 85 प्रतिशत तक की वृद्धि बनी हुई है, जिससे वास्तविक राहत पर सवाल उठ रहे हैं।