अंकित हत्याकांड: कोड वर्ड में हत्या की साजिश
गाजियाबाद (युग करवट)। शामली के हरियाणवी गायक अंकित बालियान हत्याकांड की जांच में पुलिस के सामने साजिश से जुड़ी कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। पुलिस के अनुसार शूटर आपस में सीधे नाम लेकर बात नहीं करते थे, बल्कि ‘भोलू’, ‘किथ सै’ और ‘के हाल है’ जैसे कोड वर्ड का इस्तेमाल करते थे। जांच में यह भी सामने आया है कि स्नेपचैट के माध्यम से विदेश में बैठे और गिरोह से जुड़े लोगों ने शूटरों से संपर्क बनाए रखा और उन्हें निर्देश दिए।
पुलिस के अनुसार नेटवर्क में इस्तेमाल होने वाले कोड वर्ड के अलग-अलग अर्थ तय थे। ‘भोलू’ का इस्तेमाल निकलने के संकेत के तौर पर किया जाता था, जबकि ‘किथ सै’ का मतलब अपने आदमी होने की पुष्टि से जुड़ा था। वहीं ‘के हाल है’ बातचीत खत्म करने के संकेत के रूप में इस्तेमाल किया जाता था। पुलिस अब इन कोड वर्ड से जुड़े मोबाइल डाटा और सोशल मीडिया गतिविधियों की जांच कर रही है। मुठभेड़ में मारे गए शूटरों के मोबाइल फोन और सोशल मीडिया अकाउंट की जांच में पुलिस को नेटवर्क से जुड़े अहम सुराग मिलने की बात सामने आई है। जांच के अनुसार सोनीपत के सुमित और मोहित तथा करनाल के सत्यम और आर्यन अलग-अलग स्थानों से शामली पहुंचे थे। पुलिस के अनुसार सुमित और मोहित को 20 अगस्त को अंकित की रेकी के लिए शामली भेजा गया था। दोनों दिल्ली रोड स्थित एक होटल में रुके और अंकित की गतिविधियों पर नजर रखी। इसके बाद करनाल के सत्यम और आर्यन भी इस नेटवर्क से जुड़े। पुलिस की जांच के मुताबिक घटना वाले दिन चारों शूटर नाला पटरी के पास एक खाली प्लॉट के नजदीक मिले थे। इन्हें आपस में जोडऩे और आगे के निर्देश देने का काम सोशल मीडिया के माध्यम से किया गया। अंकित हत्याकांड की जांच में पुलिस अब मोबाइल डाटा, सोशल मीडिया चैट और शूटरों की आवाजाही से जुड़े साक्ष्यों को जोड़ रही है। पुलिस का दावा है कि इन डिजिटल सुरागों से हत्या की योजना बनाने वाले लोगों और शूटरों के बीच संपर्क की पूरी तस्वीर सामने आ सकती है।