गाजियाबाद में शहर, साहिबाबाद, लोनी, मुरादनगर और मोदीनगर पांच विधानसभा सीटें हैं। आंशिक धौलाना भी है। पाठक कहेंगे कि इसमें क्या नई बात है यह तो सभी को मालूम है। तो नई बात यह है कि आप इन दिनों सोशल प्लेटफार्म पर गंभीरता से नजर डालिए। वैसे तो हर विधानसभा सीट पर भाजपा के टिकट के लिए कोई ना कोई दावेदारी कर ही रहा है। तगर इन दिनों शहर, साहिबाबाद, लोनी और मोदीनगर को लकर कुछ खास चर्चा होती नहीं है। मगर आप विधानसभा चुनाव को लेकर सोशल प्लेटफार्म पर मुरादनगर से किसी की दावेदारी की खबर पोस्ट करके देख लीजिए, उसके बाद कमेंट्स की ऐसी झड़ी लगेगी कि आप जवाब देते-देते परेशान हो जाओगे। खासकर फेसबुक पर नजर जाएगी मुरादनगर से दावेदारी के मामले बहुत से मिल जाएंगे। उन पर कमेंट करने वाले महज मुरानगर के मतदाता ही नहीं हैं, ना जाने किस किस इलाके के लोग अपना आंकलन, अपनी सर्वे रिपोर्ट, टिकट की दावेदारी पर अपना नजरिया देते हुए दिख जाएंगे। भारतीय जनता पाटी्र से किसी को बसंत त्यागी की दावेदी पसंद है तो किसी को लगता है कि वर्तमान विधायक तीसरी पारी जरूर खेलेंगे। किसी का कहना होता है कि ऐसा बिलकुल नहीं है कि जो भाजपा का टिकट ले आएगा उसकी जीत सुनिश्चित हो जाएगी, वह दावा करता है कि भावी प्रत्याशी का अपना व्यक्तिगत जनााधार भी होना चाहिए। कोई कह रहा है कि मुरादनगर सीट किसी एक की बपौती नहीं है, तो किसी सोचना है कि बसंत त्यागी को लोनी से टिकट के लिए दावेदारी करनी चाहिए थी। सोशल मीडिया पर ऐसी आवाज भी उठ रहीं हैं कि इस बार मुरादनगर से गैर त्यागी को मौका मिलना चाहिए, तो इस बात का यह कहकर विरोध कर दिया जाता है कि प्रदेश में त्यागी समाज को एक ही सीट मिलती है, उसे भला कैसे छीना जा सकता है। बहरहाल सोशल मीडिया पर मुरादनगर सीट का मामला इन दिनों बेहद गर्म है।