विधानसभा चुनाव २०२७
विधानसभा २०२७ को लेकर भाजपा अपने स्तर पर जहां सर्वे करा रही है वही सरकार की ओर से भी अपनी एजेंसियों द्वारा विधायकों की क्या स्थिति अपने क्षेत्र में है इसकी भी गोपनीय जांच कराई जा रही है। अभी हाल ही में गृह विभाग में बड़ा परिवर्तन हुआ है। इसके पीछे भी कुछ अहम वजह बताई गई है। दरअसल, सरकार की आंख-कान इंटेलिजेंस विभाग होता है उसके विभाग के प्रमुख भगवान स्वरूप को अभी हाल ही में हटा दिया गया। दरअसल, इंटेलिजेंस ने जांच में पाया था कि दो विधायकों की स्थिति ठीक नहीं है और वो चुनाव हार सकते हैं। ये खबर कहीं ना कहीं लीक हो गई और भगवान स्वरूप को हटा दिया गया। दरअसल इस समय योगी सरकार बहुत ही फूंक-फूंककर कदम चल रही है। वहीं दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पार्टी के राष्टï्रीय अध्यक्ष से नरेंद्र मोदी की मुलाकात भी काफी अहमियत रखती है। दोनों लोगों से बंद कमरे में हुई मुलाकात में यूपी चुनाव को लेकर चर्चा हुई है। सूत्र बताते हैं कि आने वाले समय में संगठन में एक बार फिर बदलाव की उम्मीद है। वहीं अब उत्तर प्रदेश में जो सरकार की योजनाएं चल रही है उनको लेकर पार्टी स्तर पर प्रचार के लिए जिम्मेदारी दी जाएगी। सभी जनप्रतिनिधि अपने-अपने क्षेत्रों में सरकारी योजनाओं को आमजन तक पहुंचाएंगे। सूत्रों के अनुसार पार्टी ने जो सर्वे कराया है उसमें भी एक तरफा माहौल नहीं आया। इसको लेकर हाईकमान की चिंता बढ़ गई है। पहले इस बात की चर्चा थी कि दिसंबर में ही चुनाव करा दिये जाए लेकिन राम मंदिर चढ़ावा चोरी को लेकर जो माहौल बना है उसको किस तरह ठंडा किया जाए अब पार्टी अपने स्तर पर काम करेगी। क्योंकि सर्वे में जहां विधायकों का रिपोर्ट कार्ड ठीक नहीं आया है वहीं चढ़ावा चोरी का मुद्दा भी कहीं ना कहीं पार्टी के लिए परेशानी का सबब बन सकता है। इसलिए इसे भी डैमेज कंट्रोल की तैयारी है। सूत्रों ने बताया कि सर्वे रिपोर्ट और भाजपा विधायकों के रिपोर्ट कार्ड को लेकर साथ ही सहयोगी दलों की जो स्थिति है उसको देखते हुए पार्टी बहुत ही सोच समझकर कदम उठाना चाह रही है। इतना ही नहीं उम्मीदवारों के चयन में भी पार्टी अब स्थानीय स्तर पर भी जहां संगठन की राय लेगी वहीं किसके खिलाफ कितनी हवा है उसको ध्यान में रखकर निर्णय लेगी। 2022 के विधानसभा चुनाव की तरह इस बार टिकट रिपीट नहीं होंगे। जय हिंद