सम्पूर्ण समाधान दिवस की जमीनी हकीकत को बयां कर रही है युग करवट की रिपोर्टर शोभा भारती
गाजियाबाद (युग करवट)। मुख्यमंत्री व्यस्त होने के बाद भी लखनऊ हों या गोरखपुर, लगातार जनता दर्शन करते हैं। उनके जनता दरबार में कई सौ फरियादी अपनी समस्याओं को लेकर आते हैं जिनका मुख्यमंत्री तत्काल निस्तारण करते हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हर जिले में तैनात अफसरों को तहसील दिवस, समाधान दिवस, सम्पूर्ण समाधान दिवस आदि सुनवाई दिवस में जनता की हर समस्या का समाधान करने का निर्देश अधिकारियों को दिये हैं लेकिन जिलों में ये स्थिति बस दिखावा बनकर रह गई है।
गाजियाबाद में भी कुछ ऐसी ही तस्वीर है। समाधान दिवस हो, तहसील दिवस हो बड़ा अधिकारी कोई नहीं जाता और शिकयतों के निस्तारण के नाम पर भी केवल खाना-पूर्ति हो रही है। आज सम्पूर्ण समाधान दिवस है और जमीनी हकीकत क्या है ये जानने के लिए युग करवट की रिपोर्टर शोभा भारती सुबह दस बजे होली चाइल्ड स्थित समुदायिक केंद्र में सम्पूर्ण समाधान दिवस में पहुंची। उन्होंने देखा कि फरियादी दस बजे तक आ चुके थे लेकिन १२ बजे तक कोई बड़ा अधिकारी नहीं पहुंचा। ये तस्वीर उसी समय की ली गई थी। आखिरकार मुख्यमंत्री के आदेशों की अवहेलना कैसे हो रही है। ये ठीक है कि गाजियाबाद में बड़े पदों पर तैनात तमाम अधिकारी अपने आप को मुख्यमंत्री के बेहद निकट बताते हैं लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि जनता की समस्याओं से मुंह फेर लिया जाएगा और मुख्यमंत्री के आदेशों को केवल कागजी कार्रवाई तक ही सीमित रखा जाएगा।
१२:२० पर पहुंचे सीडीओ सम्पूर्ण समाधान दिवस में
गाजियाबाद (युग करवट)। सम्पूर्ण समाधान दिवस को लेकर प्रशासनिक अधिकारी कितने मुस्तैद है इसका अंदाजा आज लगाया गया। १० बजे से फरियादी बैठे थे, अफसरों की कुर्सियां खाली रहीं, १२:२० मिनट पर मुख्य विकास अधिकारी कुमार सौरभ सम्पूर्ण समाधान दिवस में पहुंचे।