कल्याण सिंह सरकार में बैठे थे धरने पर-अब फिर है तैयारी
गाजियाबाद (युग करवट)। चार बार के भाजपा सांसद डॉ. रमेशचंद तोमर हमेशा जिस काम के पीछे पड़ जाते हैं उसे पूरा करके ही छोड़ते हैं। यूपी में कल्याण सिंह की सरकार थी और किसी बात को लेकर उनका किसी अफसर से विवाद हो गया था। उसके बाद वो अपनी ही सरकार में धरने पर बैठ गये थे। हालांकि फिर सभी बड़े नेताओं ने उनको समझाया और उन्होंने धरना खत्म कर दिया।
आजकल कुछ ऐसी ही तस्वीर दिखाई दे रही है। पूर्व सांसद रमेशचंद तोमर गाजियाबाद के कुछ मुद्दो को लेकर यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना से मिले थे। मुख्यमंत्री ने पूरी बात को गंभीरता से सुना था और आश्वासन दिया था कि उन्होंने जो शिकायत की है उसकी ये गंभीरता से जांच करांएगे।
पूर्व सांसद को कार्रवाई का पूरा आश्वासन दिया था। इस बीच संसदीय कार्य मंत्री जब बुलंदशहर जाने के लिए हापुड़ में उतरे थे तब कुछ लोगों ने उनसे कहा था कि तोमर साहब जो शिकायत कर रहे हैं वो ठीक नहीं है। हालांकि संसदीय कार्य मंत्री ने इस ज्यादा ध्यान नहीं दिया। लेकिन ये बात जरूर साफ हो गई कि रमेशचंद तोमर की शिकायत को दबाने का प्रयास कई स्तर से किया जा रहा है। पूर्व सांसद डॉ. रमेशचंद तोमर ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हमेशा उनकी हर बात को गंभीरता से सुनते हैं, न्याय करते हैं और पूरा सम्मान देते हैँ। उनका कहना है कि कुछ अफसर मुख्यमंत्री को गलत जानकारी देते हैं और जो सही नहीं होता है उसको मुख्यमंत्री को बताते हैं। पूर्व सांसद ने बताया कि लखनऊ में बैठे वरिष्ठ अधिकारियों से उनकी बात हुई है और बातचीत से ये बात सामने आयी है कि कहीं ना कहीं कुछ बड़े अधिकारियों ने कुछ गलत फीड किया है। जिसके कारण जो जांच मांग उन्होंने की थी उसको ठंडे बस्ते में डाला जा रहा है। डिप्टी रजिस्ट्रार द्वारा भी जो आदेश दिये गये उसके पीछे भी कहीं ना कहीं कुछ बड़े अफसरों का हाथ रहा है। पूर्व सांसद का कहना है कि उन्होंने मुख्यमंत्री से यही मांग की थी कि निष्पक्ष जांच करा दी जाए जो सही है, उसके साथ न्याय हो। उनका कहना है कि गलत लोगों का साथ नहीं देना चाहिए। पूर्व सांसद ने अनौपचारिक बातचीत में बताया कि एक बार मुख्यमंत्री से मिलेंगे और उन्हें फिर जमीनी हकीकत से अवगत कराएंगे। उनका ये भी कहना था कि जरूरत पड़ी तो फिर वो इतिहास दोहराएंगे और गाजियाबाद में अफसरों के खिलाफ धरने पर भी बैठ सकते हैं।