जाली फर्म बनाकर स्विगी के पेमेंट को डलवाता फर्जी अकाउंट में
गाजियाबाद (युग करवट)। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने एक ऐसे हाइटेक नटवरलाल को गिरफ्तार किया है कि जिसका गिरोह स्विगी प्लेटफॉर्म पर फर्जी ऑर्डर के माध्यम से अब तक स्विगी को ३० लाख से अधिक की चपत लगा चुका है।
साइबर थाना पुलिस ने जिस जालसाज को पकड़ा है उसका नाम गर्वित है और वह हरियाणा का रहने वाला है। इसके पास से जालसाजी में प्रयोग की जाने वाली सामंग्री जैसे क्रडिट कार्ड, पासबुक, चैकबुक आदि व उपकरणों की भारी खेप बरामद की है। अब साइबर थाना पुलिस इस गिरोह के अन्य साइबर क्रिमिनलों की तलाश में जुट गई है। पुलिस के मुताबिक स्विगी प्लेटफॉर्म पर फर्जी ऑर्डर और चोरी किए गए क्रेडिट कार्ड के इस्तेमाल से जुड़े मामले में दो रेस्टोरेंट संचालकों और अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी। यह एफआईआर स्विगी की रिस्क मैनेजमेंट टीम के मैनेजर विश्वजीत चौधरी की शिकायत पर 18 सितंबर को दर्ज हुई। रिपोर्ट दर्ज कराते हुए मैनेजर विश्वजीत ने पुलिस को बताया था कि वैल्यूएशन और ट्रांजेक्शन की आंतरिक जांच में राधा की रसोई और श्याम रसोई से जुड़े कई ऐसे ऑर्डर सामने आए, जिनमें सामान्य पैटर्न से अलग असामान्य रूप से अधिक रकम के लेनदेन किए गए। राधा की रसोई से सितंबर 2025 से 26 मार्च 2026 के बीच करीब 19.38 लाख रुपये के 85 ऑर्डर बताए गए हैं। इनमें करीब 74 प्रतिशत ऑर्डर 10 हजार रुपये से अधिक के थे। 36 ऑर्डर 30 हजार और 17 ऑर्डर 20 हजार रुपये से अधिक के थे।
जांच में यह भी सामने आया कि करीब 76 मिनट की डिलीवरी एसएलए वाले कई ऑर्डर महज पांच-छह मिनट में ही पूरे दिखाए गए। इन ऑर्डरों में अंतिम डिलीवरी दूरी भी सामान्यत: 500 मीटर से कम बताई गई। इसके अलावा कई ग्राहक खातों में एक जैसे डिवाइस आइडेंटिफायर मिले। कम से कम 52 अलग-अलग क्रेडिट कार्ड का दोबारा इस्तेमाल किए जाने की बात भी शिकायत में कही गई है। शिकायत के अनुसार राधा की रसोई के लिए दर्ज पता वैशाली सेक्टर-3 स्थित एक दुकान का था, लेकिन जांच में वहां आस्था फर्नीचर हाउस संचालित मिला। इसी पते का संबंध पहले श्याम रसोई से भी बताया गया है। स्विगी ने श्याम रसोई को कथित सेल्फ-ऑर्डर गतिविधि के कारण पहले निष्क्रिय किया था।