मंत्रालय का बंटवारा
लंबे इंतजार के बाद यूपी मंत्रिमंडल का दूसरा विस्तार तो छह दिन पहले हो गया लेकिन मंत्रालयों के बंटवारों में इतना समय लगेगा इसकी उम्मीद किसी को नहीं थी। दरअसल, उत्तर प्रदेश दिल्ली के रिमोट से चल रहा है। हालांकि यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समय-समय पर दिल्ली वालों को भी अपनी लोकप्रियता का अहसास कराते रहते हैं इसमें कोई दो राय नहीं। आज योगी आदित्यनाथ की लोकप्रियता सबसे ज्यादा हो गई है। अब मंत्रालयों का बंटवारा क्यों नहीं हो पा रहा था ये भी बड़ा सवाल है। कल दिल्ली में योगी आदित्यनाथ ने गृहमंत्री अमित शाह और राष्टï्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन से मुलाकात की। दरअसल, लखनऊ और दिल्ली के बीच कुछ मंत्रालयों को लेकर तनातनी है। छह मंत्रियों में मनोज पांडेय सीधे से तौर से दिल्ली से जुड़े हैं। जाहिर है उन्हें हल्का मंत्रालय नहीं दिया जा सकता। पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी भी दिल्ली वालों की गुडबुक में है इसलिए उन्हें भी ठीकठाक मंत्रालय की बात चल रही है। हालांकि लखनऊ वाले हल्के मंत्रालय देने के पक्ष में शुरू से नजर आ रहे हैं। दरअसल मुख्यमंत्री के पास जो मंत्रालय है वो भी काफी महत्वपूर्ण हैं। उनके पास जो मंत्रालय हैं वो पुराने मंत्रियों के थे। मुख्यमंत्री के पास वर्तमान में पीडब्ल्यूडी, खाद्य एवं रसद एवं नागरिक आपूर्ति विभाग, खाद्य सुरक्षा एवं औषधी विभाग, राज्यकर एवं निबंधन विभाग, नागरिक उड्डयन मंत्रालय, न्याय एवं विधि विभाग योगी आदित्यनाथ के पास है। अब इसमें से पीडब्ल्यूडी विभाग भूपेंद्र चौधरी को देने की चर्चा चल रही है। मनोज पांडेय को भी ठीक-ठाक विभाग दिया जाएगा। एके शर्मा के पास नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्रालय है। शपथ लेने वालों में दो मंत्रियों को स्वतंत्र प्रभार भी बनाया गया है। सोमेंद्र तोमर ऊर्जा राज्यमंत्री पहले से हैं अब उन्हें स्वतंत्र प्रभार मंत्री की शपथ दिलाई गई ताकि गुर्जर समाज में अच्छा संदेश जाए। ये भी हो सकता है कि ऊर्जा मंत्रालय का स्वतंत्र प्रभार उनको दे दिया जाए। लेकिन इसकी संभावना कम है। वहीं वर्तमान में जो मंत्री हैं उनके मंत्रालयों में भी बदलाव की चर्चा है। बहरहाल छह मंत्रियों ने शपथ तो ले ली। उन्हें गाड़ी भी मिल गई, पीएस भी मिल गए, लेकिन छह दिन से वो उस ताज का इंतजार कर रहे हैं जो उनके सिर पर रखा जाएगा। वरना तो वो बिना ताज के अभी बादशाह हैं। उम्मीद है कि आज शाम तक मंत्रालय मिल जाएंगे। जय हिंद