विधानसभा चुनाव २०२७
भाजपा के राष्टï्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन की बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट के परिणामों की चर्चा अब भाजपाइयों में खूब होने लगी है। इतना ही नहीं अब कार्यकर्ता ये कहने लगे हैंं कि भाजपा हाईकमान को टिकट वितरण के समय बांकीपुर विधानसभा का रिजल्ट ध्यानमें रखना चाहिए। दरअसल, नितिन नबीन की इस परम्परागत सीट पर मिली हार अब चर्चा का विषय बन रही है और अब कार्यकर्ता कहने लगे हैं कि किसी बाहरी व्यक्ति को टिकट देने से पहले विचार करना पड़ेगा। दरअसल, अभी हाल ही में उत्तर प्रदेश भाजपा कमेटी में जो दो पदाधिकारी बनाये गये हैं उनका पार्टी से कोई लेना-देना नहीं था वो प्राथमिक सदस्य भी नहीं थे और उन्हें प्रदेश की टीम में रातों-रात जगह दे दी गई। जब लिस्ट आयी तो भाजपा के नेता एक-दूसरे से ये पूछते नजर आये कि क्या इन दोनों नेताओं को आप जानते हैं। सभी ने कहा कि हम नहीं जानते हैं। बाद में पता चला कि ये दिल्ली वालों के बेहद निकट हैं और इनको विधानसभा चुनाव में भी मौका दिया जाएगा। चर्चा चली कि एक व्यक्ति जो ब्राह्मïण भी हैं। हालांकि दोनों नेता ब्राह्मïण हैं एक नेता की चर्चा साहिबाबाद विधानसभा को लेकर शुरू हो गई। चर्चा हो रही है कि साहिबाबाद विधानसभा सीट से उन्हें उम्मीदवार बनाया जा सकता है। हालांकि चुनावी मौसम में इस तरह की चर्चाएं होना आम बात है लेकिन क्योंकि सीधे दिल्ली से जुड़े हैं संगठन में जगह मिल गई इसलिए कुछ भी हो सकता है। बहरहाल, बांकीपुर विधानसभा का रिजल्ट बाहरी उम्मीदवारों पर जरूर ब्रेक लगा सकता है। अब कार्यकर्ता किसी भी बाहरी उम्मीदवार को आसानी से स्वीकार नहीं करेगा इसीलिए अब हर जगह इसी बात को लेकर चर्चा हो रही है कि हाईकमान को रिजल्ट ध्यान में रखना पड़ेगा। जय हिंद