नगर संवाददाता
गाजियाबाद (युग करवट)। श्री धार्मिक रामलीला समिति में दो पक्षों के बीच काफी समय से विवाद चल रहा था जो आज डीएम रविन्द्र कुमार मांदड़ की अध्यक्षता में हुई बैठक में काफी हद तक सुलझ गया है। डीएम ने दोनों पक्षों की बात सुनने के उपरांत एक निगरानी समन्वय समिति का गठन एडीएम सिटी की अध्यक्षता में किया है। जिसमें दोनों पक्षों के चार-चार पदाधिकारी शामिल होंगे। यह समिति रामलीला महोत्सव व मंचन के दौरान होने वाले सभी खर्च, आय-व्यय की निगरानी करेगी जिससे विवाद की स्थिति न हों। हालांकि रामलीला मंचन की जिम्मेदारी विपुल शर्मा वाली समिति ही कराएगी। जिसे लेकर फिलहाल दोनों पक्षों की ओर से सहमति जताई गई है।
डीएम रविन्द्र कुमार मांदड़ ने बताया कि कविनगर रामलीला में चल रहे विवाद को लेकर दोनों पक्षों को बुलाया गया था। दोनों ओर से पक्ष जानने के उपरांत फिलहाल एक निगरानी समन्वय समिति गठित की गई है ताकि रामलीला महोत्सव पूरी पारदर्शिता के साथ सम्पन्न हो सके। इस समिति में दो एडीएम स्तर के अधिकारी और दोनों समितियों से चार-चार लोग शामिल होंगे जो महोत्सव के दौरान होने वाले सभी खर्चो और गतिविधियों की निगरानी करेंगे। डीएम ने बताया कि रामलीला का मंचन पुरानी समिति द्वारा ही किया जाएगा। शहर में रामलीला मंचन बिना किसी विवाद के सम्पन्न हो, इसके लिए यह समन्वय समिति बनाई है, जिसे लेकर दोनों पक्षों की ओर सभी सहमति दी गई है। बता दें कि कविनगर रामलीला समिति के आजीवन सदस्य व पूर्व सांसद रमेश चंद तोमर लगातार समिति चयन और अनियिमिताओं को लेकर प्रमुखता से इस मुद्दे को उठाते रहे। उन्होंने इस मामले को शासन स्तर पर भी उठाया जिसके बाद से यह मामला और गर्मा गया। पहले डिप्टी रजिस्ट्रार द्वारा रामकुमार तोमर की अध्यक्षता में बनी समिति को वैध करार दिया, इसके बाद विपुल कुमार शर्मा वाली समिति को वैध बताया गया। जिसे लेकर दोनों पक्षों में विवाद तो हुआ ही साथ ही मामला हाईकोर्ट पहुंच गया। अभी यह मामला हाईकोर्ट में लम्बित हैं। लेकिन फिलहाल रामलीला मंचन बिना किसी विवाद के सम्पन्न हो, इसके लिए डीएम ने समन्वय समिति गठित कर काफी हद तक इस मामले को सुलझाने की दिशा में कदम बढ़ाया है। हालांकि पहले समिति के दोनों पक्षों के साथ यह बैठक एडीएम सिटी विकास कश्यप कर रहे थे, लेकिन कुछ देर बाद डीएम ने अपने कक्ष में दोनों पक्षों के चार-चार लोगों को जिसमें अध्यक्ष, सचिव व अन्य सदस्यों को बुलाकर बैठक की। दोनों पक्षों की सहमति के बाद काफी दिनों से चल रहा समितियों का यह विवाद फिलहाल थमता नजर आ रहा है।