-सुरेश चौधरी-
नोएडा (युग करवट)। भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह की बेटी की नोएडा की राजनीति में सक्रियता ने यहां के दो वर्तमान विधायकों की नींद हराम कर दी हैं। भाजपा सूत्रों के अनुसार वह जेवर या नोएडा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ सकती हैं। वह सामाजिक कार्यों के साथ-साथ राजनीतिक मंच भी साझा कर रही हैं। कल वह नोएडा में कई कार्यक्रमों में शामिल हुई, जबकि आज वह जेवर में कई कार्यक्रम में भाग ले रही हैं।
भाजपा के वरिष्ठ सूत्रों के अनुसार शालिनी सिंह का टिकट लगभग तय हो गया है। नवंबर माह के बाद उनके टिकट की घोषणा होने की चर्चा है। भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि शालिनी सिंह जेवर विधानसभा सीट से भाजपा के प्रत्याशी हो सकती हैं। भाजपा के सूत्रों के अनुसार जेवर के विधायक के प्रति आला कमान की नाराजगी और क्षेत्र के कुछ प्रतिष्ठित जाति के लोगों कि उपेक्षा भाजपा आला कमान को खटक रही है। बताया जाता है कि सांसद, कुछ एमएलसी, जिला पंचायत अध्यक्ष, भाजपा के जिलाध्यक्ष सहित भाजपा के कुछ वरिष्ठ नेता भी जेवर के विधायक से खासा नाराज चल रहे हैं। यही कारण है कि शालिनी सिंह को जेवर की सीट पर चुनाव लडऩे की तैयारी स्थानीय स्तर पर भी शुरू हो गई है।
बताया जाता है कि नोएडा विधानसभा सीट पर भी नोएडा के मूल निवासी और वैश्य समाज संबंध रखने वाले मनोज गुप्ता, हरियाणा से नोएडा में आकर व्यापार करने वाले वैश्य समाज के सत्यनारायण गोयल और विकास जैन भी आजकल खासे सक्रिय है। ये लोग भी नोएडा विधानसभा सीट पर अपनी दावेदारी कर रहे हैं। इसके अलावा कुछ अन्य लोग भी नोएडा विधानसभा सीट पर दावेदारी ठोक रहे हैं। वैसे नोएडा के विधायक दो बार से लगातार चुनाव जीत रहे हैं। और रक्षा मंत्री के पुत्र होने के नाते उनकी टिकट की दावेदारी प्रबल मानी जा रही है। राजनीति के जानकार लोगों का कहना है कि राजनीतिक अनिश्चितता का विषय है। इसमें कुछ भी हो सकता है। वहीं पंकज सिंह ने जिस तरह नोएडा में विधायक के तौर पर अपनी जिम्मेदारी निभाई वो सभी के सामने है। विकास को लेकर भी हमेशा सक्रिय रहे और लोगों से उनका सम्पर्क हमेशा है और लोगों की बात करें तो उनकी पसंद पंकज सिंह ही हैं।
आखिर विधायक अब क्यों नहीं छू रहे हैं पांव?
शालिनी सिंह की जनपद गौतम बुद्ध नगर की राजनीति में सक्रियता ने कुछ बड़े नेताओं के बीच दरार भी पैदा कर दी है। भाजपा सूत्रों के अनुसार यहां से एक विधायक सार्वजनिक रूप से सांसद के पैर छूकर उनसे आशीर्वाद लेते थे। वह उन्हें अपना गार्जियन और अभिभावक बताते थे, लेकिन जब से शालिनी सिंह यहां की राजनीति में सक्रिय हुई है, विधायक ने सांसद के पैर छूना बंद कर दिया है। विधायक को शक है कि शालिनी सिंह को वह चुनाव लड़ाने की तैयारी में है। सूत्रों की माने तो विधायक के नजदीकी लोगों ने सांसद का आंतरिक रूप से विरोध करना भी शुरू कर दिया है।