एक पत्थर तो तबीयत से उछालों यारों…
प्रधान का इस्तीफा महान हिंदी कवि दुष्यंत कुमार की एक बहुत ही प्रेरणादायक ग़ज़ल है इस $गज़ल का बहुत ही मशहूर शेर है-कौन कहता है आसमां में सुराख नहीं हो सकता, एक पत्थर तो तबीयत से उछालों यारो।। दिल्ली में कुछ ऐसा ही हुआ। दरअसल 12 साल में पहली बार [...]