अपने ही गिराते हैं नशेमन पर बिजलियां
गाजियाबाद में चारों ओर भगवा लहरा रहा है। सभी विधानसभा सीटों पर भाजपा के विधायक हैं, मेयर भाजपा की, सांसद भाजपा के, शहर में दो-दो मंत्री भाजपा के लेकिन अगर चर्चा की बात करें तो चाहे भाजपा के नेता बैठे हों या फिर कोई कार्यक्रम हो आजकल दो ही लोग चर्चा का विषय बने हुए हैं एक हैं चार बार के पूर्व सांसद डॉ. रमेशचंद तोमर और दूसरी हैं महापौर श्रीमती सुनीता दयाल। दोनों की वर्किंग से उन्हीं की पार्टी के कई नेता अंदरखाने नाराज ही नहीं परेशान भी हैं। मेयर की वर्किंग की चर्चा लखनऊ और दिल्ली करते हैं। संघ के बड़े पदाधिकारी भी उनकी वर्किंग से वाकिफ है। दिल्ली में संघ के एक बड़े पदाधिकारी के सामने जब मेयर जिक्र आया तो उनको बताया गया कि लोग उन्हें शेरनी कहते हैं और उन्होंने अरबों रुपए की जमीन मुक्त करा दी है। उन पदाधिकारी का कहना था कि क्या सपा और बसपा के नेता कब्जा कर रहे हैं। उनको बताया कि ऐसा नहीं है। अपने भी कब्जा करने में पीछे नहीं है और मेयर बिल्कुल निष्पक्ष कार्रवाई कर रही है। इसी बात को लेकर मेयर की आम जनता में एक अच्छी छवि बन रही है कि वो सभी को एक चश्मे से देख रही है। वहीं पूर्व सांसद डॉ. रमेशचंद तोमर ने भी जिस तरह से पिछले तीन महीनों से कुछ कार्रवाहियां कराई है उनसे भी पार्टी के कुछ नेता परेशान हो गये हैं। हालांकि डॉ. रमेशचंद तोमर ने जो कार्रवाहियां की है वो सही साबित हो रही है। दरअसल, बहुत कम ऐसे जनप्रतिनिधि होते हैं जो सत्ता में बैठे लोगों से पंगा लेते हैं। बहरहाल, जो कार्यवाहियां हो रही है भले ही उससे कुछ परेशानियां हो रही हो लेकिन दोनों वर्तमान और पूर्व जनप्रतिनिधि अपने मिशन को चालू रखे हुए हैं। जय हिंद