सुनील शर्मा के बेटे की शादी
रिश्ते निभाना और कार्यकर्ताओं के कांधे पर हाथ रखकर उनका हालचाल पूछना, जाति और धर्म से ऊपर उठकर लोगों के साथ खड़े रहना आसान नहीं है। लेकिन वास्तव में इस नामुमकिन को देश के रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने मुमकिन कर दिया है। गाजियाबाद के लोगों से उनका जो अटूट प्रेम है वो कई दशकों बाद भी आज भी कायम है। वो देश के गृहमंत्री रहे हो, पार्टी के राष्टï्रीय अध्यक्ष रहे हों, यूपी के मुख्यमंत्री रहे हों और आज भारत के रक्षामंत्री जैसे महत्वपूर्ण पद पर आसीन होने के बाद भी ना राजनाथ सिंह कल बदले थे और ना आज बदले हैं। आज भी उनके दरवाजे लखनऊ से लेकर गाजियाबाद के हर व्यक्ति के लिए खुले हुए हैं। देश में ऐसा कोई भी राजनेता नहीं है जो इतने विनम्र रहकर खुले दिल से लोगों से मिलता हो। यही कारण है कि राजनाथ सिंह बनना आसान ही नहीं असंभव भी है। गाजियाबाद की पार्टी के किसी भी नेता के यहां कोई पारिवारिक कार्यक्रम हो अगर राजनाथ सिंह देश में हैं तो उसमें जरूर आते हैं। चाहे मेयर सुनीता दयाल की बेटी की शादी हो, बलदेव राज शर्मा जी के परिवार में कोई कार्यक्रम हो, ब्रजपाल तेवतिया जी के यहां कोई कार्यक्रम हो वो हमेशा गाजियाबाद आते हैं। इतना ही नहीं व्यस्त होने के बाद भी विधायक अजित पाल त्यागी के भतीजे और गिरीश त्यागी के बेटे की सगाई समारोह में भी पहुंचे। ये अपने आप में केवल राजनाथ सिंह ही कर सकते हैं। अगर व्यस्त रहते हैं और नहीं भी आ पाते हैं चाहे धार्मिक पर्व हो या फिर व्यापारिक कार्यक्रम हो फोन से शुभकामनाएं जरूर देते हैं।
कल कैबिनेट मंत्री सुनील शर्मा के बेटे की शादी थी राजनाथ सिंह बहुत व्यस्त थे लेकिन सुनील शर्मा ने जो उनसे अनुरोध किया तो वो आशीर्वाद देने के लिए वो कल रेड कारपेट पहुंचे। जाहिर है कि एक बार फिर राजनाथ सिंह ने ये अहसास करा दिया कि रिश्ते निभाने में उनका कोई सानी नहीं हैं। इस शेर के साथ अपनी बात समाप्त करता हूं-
बंजारे हैं रिश्तों की तिजारत नहीं करते।
हम लोग दिखावे की मोहब्बत नहीं करते।।
जय हिंद