बलदेव राज शर्मा की पुस्तक ‘मेरे संस्मरण मेरी धरोहर’ के हवाले से
गाजियाबाद (युग करवट)। भाजपा के वरिष्ठ नेता बलदेव राज शर्मा ने एक पुस्तक ‘मेरे संस्मरण मेरी धरोहर’ (जनसंघ से भाजपा तक) लिखी है। एक जुलाई को इस पुस्तक का विमोचन देश के रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने अपने निवास पर किया था। इस पुस्तक में बलदेव राज शर्मा ने बहुत खुलासे किये हैं।
इसी पुस्तक के हवाले से हम कुछ बातें लिख रहे हैं। पुस्तक में पृष्ठ नंबर 56 पर ‘पहले के चुनाव और आज के चुनाव’ शीर्षक से एक लेख लिखा गया है। बलदेव राज शर्मा ने लिखा है कि 1974 में गाजियाबाद विधानसभा के चुनाव हुए थे जिसमें आदरणीय श्री प्यारे लाल जी शर्मा गाजियाबाद विधानसभा क्षेेत्र से कांगे्रस के केडिडेट थे वो बहुत ही अच्छे इंसान और बहुत ही अच्छे समाजसेवी थे। बलदेव राज शर्मा ने लिखा था कि मैं भारतीय जनसंघ की तरफ से विधानसभा का कैडिडेट था, मेरा चुनाव चिन्ह दीपक था। उन्होंने लिखा है कि चुनाव का अंतिम चरण चल रहा था और चुनाव से सात दिन पहले श्री प्यारे लाल शर्मा जी मेरे निवास स्थान के-85 कविनगर में प्रात: 7 बजे आये और मुझ से कहा कि शर्मा जी आप मुझे मेरे हर चुनाव में आर्थिक सहयोग करते रहे हो, इस बार भी आपका सहयोग मुझे मिलना चाहिए।
उन्होंने लिखा है कि मैने अपनी धर्मपत्नी श्रीमती कृष्णा शर्मा जी से कहा कि देखा मैं श्री प्यारे लाल जी शर्मा को उनके प्रत्येक चुनाव में 51 रुपए की आर्थिक मदद करता हूं और अब क्योंकि श्री शर्मा जी मेरे विरोध में चुनाव लड़ रहे हैं तो आप इन्हें १५१ रुपए की धनराशि दें और पत्नी ने कहा कि आप जलपान कीजिए मैं पैसे लाती हूं और फिर धनराशि के साथ शॉल भी प्यारे लाल शर्मा जी को भेंट की। बलदेव राज जी ने लिखा है कि मैं ये सब इसलिए लिख रहा हूं कि पहले के चुनाव में और अब के चुनाव में कितना अंतर आ गया है।
पहले एक दूसरे के खिलाफ चुनाव लडऩे पर भी आपसी प्यार, मान-सम्मान और भाईचारा हमेशा बना रहता था और आज क्या हाल है ये सबके सामने हैं। उन्होंने लिखा है कि १९७४ के चुनाव में मेरे चुनाव संयोजक जनसंघ के वरिष्ठ नेता विजय कुमार मल्होत्रा, मदन लाल खुराना के साथ-साथ अरुण जेटली भी थे जो दिल्ली छात्रसंघ के अध्यक्ष चुने गये थे तीन-चार जीपों में आते थे। उन्होंने लिखा है कि उनके सामने २१ उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे जिनमें राजेंद्र चौधरी, पं. अमृत लाल जी शर्मा, कामरेड जगत जैसे प्रमुख चेहरे थे। उपयुक्त वातावरण के कारण प्यारे लाल जी शर्मा जैसे लोकप्रिय और सिटिंग विधायक जी को गाजियाबाद के शहरी क्षेत्र में मैंने ६७00 वोटों से लीड दी थी। परंतु ग्रामीण क्षेत्र में हमारी पार्टी की पकड़ कुछ कम थी जिसके कारण हम गांव के क्षेत्र में पिछड़ते चले गये और प्यारे लाल जी शर्मा गाजियाबाद से विधायक बने और मैं दूसरे स्थान पर रहा और राजेंद्र चौधरी तीसरे स्थान पर रहे बाकी सभी उम्मीदवारों को जमानत जब्त हो गई।