राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण
अयोध्या में भगवान श्रीराम के चढ़ावे को लेकर 7 जून से जिस तरह का माहौल बनाया जा रहा है उसको लेकर सब हैरान हैं। देश में बड़ी-बड़ी घटनाएं हुई लेकिन नेशनल मीडिया में वो बे्रकिंग नहीं बनी। आस्था से जुड़ा मामला हर बड़े चैनल पर बे्रकिंग न्यूज बना हुआ है। डिबेट हो रही हैं, २०१४ से लेकर आज तक इलेक्ट्रॉनिक मीडिया ने इस तरह की खबरों से परहेज किया। जाहिर है अब जिस तरह की कवरेज हो रही है, कहीं ना कहीं इसके पीछे कुछ तो है। जो लोग चीख-चीखकर गोदी मीडिया को बुरा कहते थे आज वही गोदी मीडिया आस्था के मंदिर को लेकर किस तरह से खबरे चला रहा है ये सभी के सामने हैं। मंदिर में जो कुछ हुआ निसंदेह उसे कोई सही नहीं ठहरा सकता और ना ही कोई जो जिम्मेदार है अपनी जिम्मेदारी से भाग सकते हैं। सबके निशाने पर केवल और केवल चम्पत राय है। दरअसल, चम्पत राय जिनकी ३५ साल की सेवा को पल भर में नजरअंदाज कर दिया गया, कोई चोर कह रहा है कोई लुटेरा कह रहा है, कोई डाकू कह रहा है ना जाने किस-किस नाम से उन्हें पुकारा जा रहा है। जिनके आगे बड़े से बड़े लोग नतमस्तक होते थे आज वही चम्पत राय ऐसी स्थिति में आ गये हैं कि उनको संदेश कराया जाता है कि वो उनके मंच पर ना आये। कोई कहता है कि अयोध्या छोड़ दें, दरअसल, कौन दोषी है कौन नहीं है ये सब जांच का विषय है लेकिन एक बात साफ है कि चम्पत राय काफी समय से ऐसे लोगों के निशाने पर थे जिनकी अयोध्या में बिल्कुल नहीं चल रही थी इसमें कोई दोराय नहीं चम्पत राय का एकछत्र राज था। उनके बिना वहां पत्ता नहीं हिलता था। वहां करोड़ों की चोरी हो गई। स्वाभाविक है चम्पत राय अपनी जिम्मेदारी से नहीं भाग सकते। लेकिन जिन लोगों के निशाने पर वो कई साल से थे उन्हें मौका मिल गया और आज मीडिया में पहली बे्रेकिंग चम्पत राय बने हुए हैं। जिन लोगों को चम्पत राय का अंदाज पसंद नहीं था वो आज इसको खूब भुना रहे हैं लेकिन कम से कम ऐसे लोगों को इस बात का भी ख्याल रखना चाहिए कि करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ा मामला है और जिस तरह से खबरें परोसी जा रही है निसंदेह उससे आस्था पर चोट पहुंचती है। जय हिंद