अगले विधानसभा चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी को गाजियाबाद के मकाबले नोएडा से अधिक उम्मीदें हैं। मगर संगठन की सक्रियता के मामले में दोनों जिलों में काफी समानता है। महानगर संगठन ना गाजियाबाद में अधिक सक्रिय दिखाई देता है ना नोएडा में। नोएडा में तो सपा का महानगर संगठन विपरीत चर्चाओं में अधिक रहता है। अभी पिछले दिनों नोएडा के सरफाबाद गांव में आयोजित पीडीए जन चौपाल में मुख्य अतिथि के रूप में सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजकुमार भाटी, जिला अध्यक्ष इंदर प्रधान, राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भाटी सहित क्षेत्र के कई दिग्गज नेता मौजूद रहे, लेकिन नोएडा महानगर अध्यक्ष डॉ. आश्रय गुप्ता की इस बड़े आयोजन से दूरी राजनीतिक गलियारों में चर्चा बनी हुई है। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों की मानें तो महानगर अध्यक्ष डॉ. आश्रय गुप्ता की अनुपस्थिति ने संगठन के भीतर चल रही अंदरूनी खींचतान को एक बार फिर उजागर कर दिया है। अब तो यह भी कहा जाने लगा है कि नोएडा सपा के महानगर अध्यक्ष की राजनीति सोशल मीडिया तक ही सिमट कर रह गई है। पीडीए चौपाल से दूरी बनाना यह दर्शाता है कि वह नोएडा के जमीनी कैडर से जुडऩे में कामयाब नहीं हो पा रहे हैं। चर्चा यह भी है कि सपा महानगर अध्यक्ष केवल उन्हीं कार्यक्रमों में रुचि लेते हैं जहां मीडिया कवरेज के अवसर अधिक होते हैं। सपा के कद्दावर राष्ट्रीय नेताओं की मौजूदगी के बावजूद स्थानीय महानगर अध्यक्ष का न पहुंचना पार्टी में ही चर्चा बना हुआ है।
स्थानीय नेताओं का कहना है कि जिला अध्यक्ष इंदर प्रधान और राजकुमार भाटी जैसे मजबूत चेहरों के साथ तालमेल बिठाने के बजाय महानगर अध्यक्ष अपना अलग गुट चलाने का प्रयास कर रहे हैं। महानगर अध्यक्ष बनने के बाद से वे नोएडा महानगर में एक मजबूत कार्यकारिणी का गठन करने में सफल नहीं रहे हैं। संगठन सोशल मीडिया पोस्टों तक सीमित होकर रह गया है। नोएडा प्राधिकरण के भ्रष्टाचार, बिजली की बढ़ी दरें और स्थानीय समस्याओं जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर वे भाजपा सरकार के खिलाफ कोई बड़ा और निर्णायक आंदोलन खड़ा नहीं कर पाए हैं।