कुमार विश्वास भाजपा के लिए बन सकते हैं संजीवनी बूटी
गाजियाबाद (युग करवट)। जब भी देश के बड़े उच्च सदन की बात होती है तब अंतराष्टï्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने वाले कुमार विश्वास का जिक्र जरूर आता है। हर बार ये चर्चा चलती है कि कुमार विश्वास राज्यसभा जाने वाले हैं। राज्यसभा अपने आप में एक उच्च सदन है और उसका एक प्रोटोकॉल भी है लेकिन अगर बात की जाए कुमार विश्वास की तो वो अपने आप में एक बड़ा नाम है और अगर माहौल को बदलने की बात आये तो वो चाबी कुमार विश्वास के पास है। उत्तर प्रदेश में ब्राह्मïण समाज भाजपा से अंदरखाने नाराज चल रहा है। हालांकि उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक जरूर सामाज को एकजुट करने का दावा कर रहे हैं लेकिन जमीनी तौर पर ऐसा दिखाई नहीं दे रहा है। अगर यूपी में कांगे्रस और सपा के बीच गठबंधन हो गया तो बड़ी संख्या में ब्राह्मïण इस गठबंधन पर जा सकते हैं। ब्राह्मïण की पसंद समाजवादी पार्टी नहीं है लेकिन कांगे्रस उसकी आज भी पसंदीदा पार्टी है। लेकिन इस बीच अगर जैसे चर्चाएं चल रही है कि कुमार विश्वास भाजपा में आकर राज्यसभा चले जाए और फिर उन्हें कोई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दे दी जाए तो फिर उत्तर प्रदेश में कुमार विश्वास भाजपा के लिए संजीवनी बूटी साबित हो सकते हैं। वो अपने आप में माहौल बदलने में बहुत माहरथ हासिल रखते हैं। दिल्ली का पहला विधानसभा चुनाव का परिणाम सबके सामने हैं। राज्यसभा चुनाव को लेकर एक बार फिर कुमार विश्वास को लेकर सोशल मीडिया पर खूब चर्चाएं चल रही है। हालांकि कुमार विश्वास की तरफ से अभी तक कोई भी प्रतिक्रियाएं नहीं आयी है। वैसे अगर कुमार विश्वास राज्यसभा चले जाएं तो फिर उन्हें अगर देश का मानव संसाधन मंत्री, शिक्षामंत्री बना दिया जाए तो फिर जिस तरह अभी कॉकरोच पार्टी ने पेपर लीक को लेकर सरकार को घेरा था ऐसा आंदोलन कभी नहीं हो सकता था। क्योंकि कुमार विश्वास का काम करने का तरीका अलग है और जो उनका एक्शन होगा वो वास्तव में सबके लिए एक नजीर होगा। वहीं ये भी खबर है कि अगर कुमार विश्वास राज्यसभा में जाने के लिए तैयार भी हो जाएंगे लेकिन मंत्री पद पर जरूर उनको शपथ दिलाना चाहिए तभी एक अच्छा मैसेज जाएगा और इसका लाभ भी मिलेगा। हालांकि कुमार विश्वास किसी भी पार्टी में जाने की बात से इनकार करते रहे हैं लेकिन और उनकी निकटता सभी दलों में है लेकिन भाजपा उनके वजूद का जरूर लाभ लेना चाहती है। अगर ये कहा जाए कि कुमार विश्वास के लिए भाजपा जरूरी नहीं है तो ये गलत नहीं होगा लेकिन भाजपा के लिए विश्वास जरूरी है।