रामपुर के विधायक पहुंचे युग करवट कार्यालय
रामपुर की जनता अलगाव नहीं सद्भाव चाहती है
गाजियाबाद (युग करवट)। रामपुर शहर से भाजपा के विधायक आकाश सक्सेना (हनी) आरडीसी स्थिति युग करवट के मुख्यालय पहुंचे। उन्होंने इस दौरान कई मुद्दों पर खुलकर बातचीत की। रामपुर के वर्तमान राजनीतिक हालात पर आकाश सक्सेना बोले कि इस सवाल का जवाब तो वहां की जनता ही दे देगी। उन्होंने कहा कि हमारे शहर का नाम राम के नाम पर रामपुर। वहां अब पूर्णत: रामराज्य है, कानून का राज है, जनता प्रसन्नचित है।
आकाश सक्सेना ने बताया कि मिडिल इस्ट में आए संकट के बाद सरकार ने वाहनों के कम इस्तेमाल की अपील की थी। उस पर अमल करते हुए मैं भी ई रिक्शा का प्रयोग करने लगा था, रामपुर की जनता आज भी वाहनों के कम इस्तेमाल पर विश्वास करती है, इससे सडक़ पर भीड़ भी कम रहती है और बचत भी होती है। एक जनप्रतिनिधि के तौर पर मैं कहूंगा कि ई रिक्शा से चलता हूं तो जनता से बेहतर संवाद कर पाता हूं। उन्होंने रामुपर के विकास पर बात करते हुए कहा कि एक ऐसा समय था जब प्रदेश में कानपुर के बाद रामपुर एक औद्योगिक हब हुआ करता था। बड़े बड़े उद्योग रामपुर की पहचान हुआ करते थे। मगर वहां के तब के राजनीतिक हालात के कारण कारखानोंं में हड़ताल हुई, सरकार का असहयोग वाले व्यवहार से कंपनियां बंद हुईं। इससे वहां करीब पचास हजार लोग बेरोजगार हुए। वहां के तब के नेता चाहते ही नहीं थे कि युवा रोजगार पाए। मगर अब हालात बदल चुके हैं।
पीएम नरेन्द्र मोदी और सीएम योगी आदित्यनाथ के शासन में उद्योग फलफूल रहे हैं, युवाओं को रोजगार मिल रहे हैं। रामपुर में औद्योगिक क्रांति महसूस किया जा रहा है। उन्होंने रामपुर को हिन्दू-मुस्लिम एकता का शहर बताया। श्री सक्सेना का कहना था कि 2017 से पहले जो लोग सत्ता पर काबिज थे, वह अपने फायदे के लिए लोगों को एकजुट नहीं होने देते थे, आज जितना भाईचारा रामपुर में है उतना शायद देश के किसी भी शहर में ना हो।
रामपुर की जनता अलगाव में नहीं सदभाव में विश्वास रखने वाली है। बिहार के अनुभव के बारे में आकाश सक्सेना ने बताया कि पार्टी ने बिहार चुनाव में भेजा था, उन्होंने इस जिम्मेदारी को निभाया और इससे बहुत कुछ सीखा भी। यह राजनीतिक अनुभव भविष्य में काम आएगा। आगामी विधानसभा चुनाव पर भी उन्होंने खुलकर अपनी बात रखी। श्री सक्सेना ने कहा कि अगले चुनाव में भाजपा का गठबंधन 375 सीटें जीतेगा। विपक्ष का कहीं कोई अतापता नहीं है। रालोद के साथ आने के बाद गठबंधन की ताकत बढ़ी है। हम पश्चिम यूपी में शत-प्रतिशत सीटें जीतने जा रहे हैं। सपा प्रमुख अखिलेश यादव के पीडीए को लेकर उन्होंने कहा कि इसकी सच्चाई की परत तो रामपुर में ही खुल जाएगी। सपा ने पीडीए में पी का मतलब पीडि़त बताया था ना, तो सबसे ज्यादा सपा सरकार के पीडि़त तो रामपुर में ही हैं। डी का मतलब दलित बताया था ना तो सपा नेता बता दें कि रामपुर में दलितों के बनाए गए हॉस्टल का क्या हुआ था। उसके बाद सपा प्रमुख ने पीडीए में पी फार पंडित बता दिया था। श्री सक्सेना कहते हैं कि सपा के अध्यक्ष या नेता पीडीए का कोई मतलब निकालते रहें यूपी की जनता उनको दिलों से निकाल चुकी है। उन्होंने कांग्रेस और बसपा के हर दावे को सिरे से नकारते हुए कहा कि वह किसी से गठबंधन कर लें या अकेले लड़ लें नतीजा तो भाजपा के पक्ष में ही आना है। उन्होंने फिर दोहराया कि यूपी में भाजपा 375 सीटें जीतेगी, बाकी को सपा, बसपा और कांग्रेस आदि दल आपस में बांट लेंगे।