नोएडा (युग करवट)। हिंडन नदी के डूब क्षेत्र में रहने वाले लोगों के घरों मे बिजली कनेक्शन लगने की उम्मीद जगी है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने आज अधिकारियों को निर्देशित किया है कि डूब क्षेत्र में रहने वाले लोगों के घरों को अस्थाई रूप से कनेक्शन दिया जाए, और इसकी पूरी रकम विद्युत निगम के खाते में जमा हो। मुख्यमंत्री ने अवैध बिजली कनेक्शन देकर अरबों- खरबों की कमाई करने वाले बिजली विभाग के अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई करने का भी निर्देश जारी किया है। मुख्यमंत्री के सख्त रूख से विद्युत विभाग के भ्रष्ट अधिकारियों में हडक़ंप मचा हुआ है। जबकि आम नागरिकों ने राहत की सांस ली है। मुख्यमंत्री के आदेश के बाद करीब 5 दिनों से अंधेरे में रह रहे लोगों के घरों और जिंदगी में रोशनी आने की उम्मीद जगी है। इस मामले को लेकर कल भारतीय किसान परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखबीर खलीफा सोरखा गांव के पास एक विशाल धरना प्रदर्शन भी कर रहे हैं।
मालूम हो कि छिजारसी गांव के डूब क्षेत्र समेत हिंडन नदी के तलहटी में बसे अन्य इलाकों में अवैध बिजली कनेक्शन और अवैध उगाही की शिकायत लखनऊ में की गई थी। इसके बाद स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन उत्तर प्रदेश ने जांच कराई। जांच में शिकायत सही पाई गई। फिर इसका पर्दाफाश स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन उत्तर प्रदेश के सीईओ मनोज कुमार सिंह ने सीएम योगी आदित्यनाथ के सामने किया। सीएम ने पावर कॉरपोरेशन के चेयरमैन आशीष गोयल से जवाब-तलब किया था। इसके बाद विद्युत निगम ने लगातार तीन दिनों तक डूब क्षेत्र में अवैध कनेक्शनों को काटने का अभियान चलाया।
अभियान के तहत 6 हजार से अधिक कनेक्शन काटे गए। इसके साथ ही बिजली के ट्रांसफार्मर और केबल जब्त की गई। प्रभावित लोग क्षेत्रीय विधायक पंकज सिंह से मिले। इसके बाद शहर के विधायक पंकज सिंह ने लखनऊ मुख्यमंत्री कार्यालय और जिले में विद्युत निगम के अभियंताओं से वार्ता की। डूब क्षेत्र में कनेक्शन काटने की प्रक्रिया रुक गई। शहर के जनप्रतिनिधि द्वारा डूब क्षेत्र में बिजली कनेक्शन देने के लिए मांग की जाती रही।