गाजियाबाद(युग करवट)। किसी जमाने में गाजियाबाद पुलिस में तैनाती के लिए चाहे वो एसएसपी हो, एसपी सिटी या एसपी देहात हो सीधी पंचम तल से ही सिफारिश होती थी। गाजियाबाद में तैनात एसएसपी सीधे मुख्यमंत्री के टच में रहते थे और गाजियाबाद एसएसपी से डायरेक्ट कोई वरिष्ठ अधिकारी बात भी नहीं करता था क्योंकि उन्हें पता होता था कि ये पंचम तल से जुड़े हैं। जो आज लोकभवन है वो कभी पंचम तल के नाम से जाना जाता था। गाजियाबाद में नोएडा पहले अलग हुआ और फिर हापुड़ जनपद अलग बना उसके बावजूद भी आज भी गाजियाबाद अपने आप में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। हालांकि पुलिस कमिश्नरेट बनने के बाद जो डायरेक्ट आईपीएस हैं वो आने में कतराते हैं। क्योंकि अब पुलिस कमिश्नर जो आईजी रैंक के होते हैं वही सबकुछ होते हैं और बाकी आईपीएस केवल व्यवस्था देखते हैं।
फिर भी गाजियाबाद कमिश्नरेट में तैनाती के लिए सिफारिश होती थी। लेकिन अब लंबे अरसे से डीसीपी ट्रांस हिंडन का पद खाली पड़ा है। निमिष पाटिल के तबादले के बाद इस पद पर अभी तक किसी की तैनाती नहीं हुई है। वर्तमान में डीसीपी सिटी जोन धवल जायसवाल कार्यभार देख रहे हैं। सवाल ये पैदा होता है कि आखिरकार इतने महत्वपूर्ण जिले में अभी तक क्यों तैनाती नहीं हो रही है। ट्रांस हिंडन एरिया अपने आप में एक बहुत बड़ा इलाका है। बड़ी-बड़ी बिल्डिंग और कई महत्वपूर्ण स्थान हिंडनपार में आते हैं। कई महत्वपूर्ण थाने भी हिंडनपार में ही हैं। ऐसे में डीसीपी ट्रांस हिंडन में पोस्टिंग नहीं होने से कानून व्यवस्था जिस तरह और मजबूत होना चाहिए वो दिखाई नहीं दे रही है। गाजियाबाद शहर भी अपने आप में बहुत महत्वपूर्ण हैं और संवेदनशील भी है। डीसीपी सिटी जोन के ऊपर बहुत बड़ी जिम्मेदारियां हैं।
वो पुलिस लाइन भी देखते हैं जाहिर है जितना समय उन्हें ट्रांस हिंडन में देना चाहिए वो व्यस्त होने के कारण नहीं दे पा रहे हैं। आखिरकार क्या सरकार तैनाती नहीं करना चाह रही है या फिर सरकार को ध्यान ही नहीं है कि डीसीपी ट्रांस हिंडन के पद पर किसी की तैनाती की जाए। ट्रांस हिंडन भी अपने आप में एक जिले की तरह है और यहां पर डीसीपी ट्रांस हिंडन की पोस्टिंग इसीलिए की गई कि यहां कानून व्यवस्था और मजबूत की जाए। गाजियाबाद में जब एसएसपी बैठा करते थे तब एसपी सिटी ही शहर के साथ ट्रांस हिंडन देखा करते थे लेकिन समय के हिसाब से आबादी बढ़ी और पुलिस कमिश्नरेट बनने के बाद यहां पर प्रथम पुलिस आयुक्त अजय मिश्रा ने पहले आईपीएस विवेक यादव को जिम्मेदारी दी गई। इसके बाद कई जनपदों में एसएसपी के पद पर तैनात रहे शुभम पटेल को जिम्मेदारी दी गई लेकिन कुछ समय बाद ही उन्हें हटा दिया गया और एसीपी कोतवाली का चार्ज संभाल रहे निमिष दशरथ पाटिल को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देते हुए डीसीपी ट्रांस हिंडन बना दिया गया। वो काफी लंबे समय तक तैनात रहे और उनकी कार्यप्रणाली भी काफी सराहनीय रही।
शासन ने उन्हें एसपी सिटी गोरखपुर बना दिया गया। इसके बाद से आज तक ये महत्वपूर्ण डीसीपी ट्रांस हिंडन का पद खाली है। आपको ये भी बता दें कि साहिबाबाद से विधायक सुनील शर्मा यूपी की योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री भी हैं। इसके बाद भी अभी तक उनके महत्वपूर्ण क्षेत्र में डीसीपी की पोस्टिंग नहीं हो रही है।