नई दिल्ली (युग करवट)। नीट पेपर लीक विवाद और छात्रों के प्रदर्शन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में धर्मेंद्र प्रधान ने बयान जारी कर कहा, मेरे युवा साथियों, मैं पिछले चार दशकों से अधिक समय से छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधार के लिए समर्पित रहा हूं। मेरा सदैव यह विश्वास रहा है कि एक सशक्त, समावेशी और दूरदर्शी शिक्षा व्यवस्था ही सशक्त राष्ट्र की आधारशिला होती है। उन्होंने कहा, मैं देश के युवाओं की आकांक्षाओं, भावनाओं और उनकी न्यायोचित अपेक्षाओं का गहरा सम्मान करता हूं। भारत की युवा पीढ़ी के सपनों को साकार करना हम सभी के राजनीतिक एवं सामाजिक जीवन का नैतिक संकल्प रहा है। आदरणीय प्रधानमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व में राष्ट्र की सेवा करने का जो अवसर मुझे प्राप्त हुआ, उसके लिए मैं प्रधानमंत्री का आभार प्रकट करता हूं। धर्मेंद्र प्रधान ने अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री को भेज दिया है। अब देखना है कि आज जो बातचीत होने वाली थी अब वो होगी या नहीं।
उन्होंने कहा कि मैं छात्रों को कुचक्र में फंसाना नहीं चाहता। उन्होंने ये भी कहा कि मैं अपनी जिम्मेदारी से नहीं भाग रहा हूं लेकिन युवाओं का सम्मान करता हूं। उन्होंने कहा कि दस दिन से मैं बहुत ही अपने ऊपर भारीपन महसूस कर रहा था। उन्होंने कहा कि इस आंदोलन में बाधा डालने का प्रयास हुआ है। युवाओं में भ्रम पैदा करके उनको भटकाने का प्रयास किया जा रहा है। मेरे लिए निजी प्रतिष्ठा का कोई विषय नहीं है। प्रजातंत्र की शक्ति में अटूट विश्वास है। छात्र अपना समय पढ़ाई में लगायें। उन्होंने कहा कि राष्टï्र सेवा जीवन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और मैं पहले दिन से ही अपनी जिम्मेदारी सही तरीके से निभा रहा था।