भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष गाजियाबाद में
गाजियाबाद (युग करवट)। सांसद अतुल गर्ग हमेशा गुटबाजी से दूर रहते हैं। हालांकि उनके साथ जो लोग रहते हैं उनके कारण वो दूसरों के निशाने पर बिना कारण रहते हैं। सदर सीट से संजीव शर्मा को टिकट दिलाने में जो उनकी भूमिका रही उसके बाद से तो वो एक गुट के निशाने पर पूरी तरह से आ गये हैं। अब गाजियाबाद में अगर ये कहा जाए कि भाजपा के तीन शक्ति केंद्र बन गये हैं तो गलत नहीं होगा। ठीक है आपसी मनमुटाव होता है लेकिन कम से कम जब पार्टी का कोई कार्यक्रम हो और उसके प्रदेश के अध्यक्ष आ रहे हों तो सबको मिलकर साथ चलना चाहिए। अब जो पोस्टर साहिबाबाद विधानसभा क्षेत्र में लगाये गये हैं उसमें क्षेत्रीय सांसद अतुल गर्ग का फोटो नहीं है। इससे अच्छा मैसेज पार्टी के कार्यकर्ताओं में नहीं जा रहा है।
कार्यकर्ताओं का कहना है कि अतुल पार्टी के सांसद हैं उनका एक प्रॉटोकोल भी है और जब पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष आ रहे हैं तो बैनर-पोस्टरों पर अतुल गर्ग का फोटो होना जरूरी है। दरअसल जग जाहिर है कि यूपी के कैबिनेट मंत्री सुनील शर्मा और क्षेत्रीय सांसद अतुल गर्ग के बीच पहले जैसी नजदीकियां नहीं है। क्योंकि सांसद अतुल गर्ग पूरी तरह से खुलकर शहर विधायक संजीव शर्मा के साथ हैं और यही दूरियों का कारण है। अगर चर्चाओं पर भरोसा करें तो इस समय भाजपा के तीन शक्ति केंद्र गाजियाबाद में बन गये हैं। ये शक्ति केंद्र पार्टी को मजबूत नहीं कर रहे हैं बल्कि कहीं ना कहीं कार्यकर्ताओं को असमंजस्य में जरूर डाल रहे हैं।