गाजियाबाद (युग करवट)। कविनगर रामलीला समिति के वैध-अवैध होने को लेकर विवाद चल रहा है। वर्तमान में दो समितियां हैं जिसमें एक अध्यक्ष विपुल शर्मा और दूसरी रामकुमार तोमर की समिति है। दोनों ही समिति के पदाधिकारी अपने-अपने को वैध बता रहे हैं। इस मामले को लेकर श्री धार्मिक रामलीला समिति के आजीवन सदस्य और पूर्व सांसद रमेश चंद तोमर ने प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना के समक्ष इस मामले को रखते हुए डिप्टी रजिस्ट्रार निखिलेश रंजन पर दबाव में आकर एक पक्ष की समिति को वैध करार दिया जो पूरी तरह से नियमों के खिलाफ है। इस मामले को प्रमुखता से उठाते हुए पूर्व सांसद ने मामले में जांच की मांग की थी। जिस पर मंत्री सुरेश खन्ना ने तत्काल प्रभाव से संज्ञान लिया और रजिस्ट्रार फम्र्स सोसायटीज एवं चिट्स विभाग के अधिकारियों को मामले की जांच के निर्देश जारी किए। अब इस मामले पर विभाग की रजिस्ट्रार डॉ.अलका वर्मा द्वारा उच्च स्तरीय कमेटी गठित की गई है। जो इस पूरे मामले की जांच करेगी, जांच के बाद समिति अपनी रिपोर्ट शासन को सौपेंगी जिसके बाद निर्णय लिया जाएगा। जानकारी के अनुसार इस बिन्दु पर भी जांच होगी कि कैसे नियम विरूद्घ किसी समिति को वैध करार दिया गया। मामले की जांच के बाद ही स्पष्टï हो सकेगा कि कविनगर रामलीला समिति का विवाद थमता है या नहीं।