कैबिनेट मंत्री मनोज पांडेय का अभिनंदन समारोह
गाजियाबाद (युग करवट)। कैबिनेट मंत्री मनोज कुमार पांडेय का अभिनंदन समारोह पंकज शर्मा द्वारा पंडित दीन दयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में रखा गया। कार्यक्रम का समय सुबह ११ बजे का था। लेकिन समय पर ही सभागार पूरी तरह से भर गया। पंकज शर्मा के आवहान पर जिस तरह जनसैलाब उमड़ा वो अपने आप में इस बात का संकेत है कि पंकज शर्मा ने किस तरह शहर में अपना सम्पर्क और संबंध बनाया है। बड़ी संख्या में अभिनंदन समारोह में पंकज शर्मा ने भीड़ इकट्ठा करके एक लंबी लकीर खींची है। कार्यक्रम में जिस तरह से भीड आयी और कई घंटे तक इंतजार करती रही ऐसा कम ही देखा गया। कैबिनेट मंत्री डेढ़ घंटा लेट पहुंचे लेकिन पब्लिक पूरी तरह से डटी रही। इतना ही नहीं विधायक संजीव शर्मा और अजित पाल त्यागी भी कार्यक्रम में लंबे समय तक मौजूद रहे। महानगर अध्यक्ष मयंक गोयल को एक जरूरी काम से जाना पड़ा लेकिन उसके बाद भी फिर वो कार्यक्रम में आये और अपने विचार रखे और वो भी आखिर तक कार्यक्रम में रहे जो अपने आप में एक अच्छा संदेश रहा।
मैं और पंकज शर्मा दो जिस्म लेकिन एक जान: पांडेय
गाजियाबाद (युग करवट)। राजनीति में बहुत कम ऐसे लोग होते हैं जो अपने रिश्ते सार्वजनिक मंच पर बताते हैं। लेकिन मनोज पांडेय ने कल सार्वजनिक मंच पर कहा कि पंकज शर्मा और वो खुद दो जिस्म एक जान हैं। वास्तव में इतना कहने के बाद पूरा हॉल तालियों से गूंज उठा। निसंदेह पंकज शर्मा और मनोज पांडेय के रिश्ते जग जाहिर है और कल सार्वजनिक मंच से उनका ये कहना इस रिश्ते को और मजबूती देता है।
मंत्री का खुलासा-इसलिए पंकज शर्मा ने ठुकराया था सपा का टिकट
गाजियाबाद (युग करवट)। कैबिनेट मंत्री मनोज पांडेय ने कल सार्वजनिक मंच से कहा कि पंकज शर्मा एक त्याग की वो मूर्ति हैं जिसकी मिसाल नहीं मिलती। उन्होंने कहा कि २०२२ की बात है। शहर सीट से समाजवादी पार्टी के राष्टï्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पंकज शर्मा को विधानसभा का टिकट दे दिया था।
पूरी तैयारी हो चुकी थी लेकिन इसी बीच राम मंदिर में राम लला के दर्शन को लेकर जब उनका विवाद सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष से हुआ तो मैंने समाजवादी पार्टी छोड़ दी। इसके बाद तत्काल पंकज शर्मा ने समाजवादी पार्टी का टिकट ही वापस नहीं किया बल्कि पार्टी छोड़ दी।
ये त्याग हरेक नहीं दे सकता। उन्होंने कहा कि पंकज शर्मा ने साफ तौर पर कहा कि जहां आप रहेंगे वहां मैं रहूंगा और आज ये त्याग मेरे लिए जीवन भर के लिए याद रहेगा। मनोज पांडेय ने कहा कि वास्तव में हर कोई पंकज शर्मा नहीं हो सकता और मेरा और पंकज शर्मा का रिश्ता एक ऐसा रिश्ता है जिसको शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता।