नगर संवाददाता
गाजियाबाद (युग करवट)। साहिबाबाद के पूर्व विधायक अमरपाल शर्मा ने इंदिरापुरम स्थित ग्रांड प्लाजा में होली मिलन समारोह व कवि सम्मेलन का आयोजन किया। होली मिलन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में गणमान्य व स्थानीय लोगों ने शिरकत की। जमशेदपुर से सोनी सुंगधा, गुरूग्राम से अंकिता सिंह, लखनऊ से सौरभ जायसवाल, उन्नाव से विश्वनाथ विश्व, मालेगांव से मुजावर मालोगांवी, मिथिला बिहार से सुशील साहिल और कोलकाता से प्रो.राहुल अवस्थी ने काव्य पाठ किया।
कवि सम्मेलन की शुरुआत कवियत्री अंकिता सिंह ने सरस्वती वंदना से की।
उसके बाद हास्य कवि सौरभ जायसवाल ने अपनी हास्य कविता हास्य कवि सौरभ जायसवाल ने अपनी चुटीली ‘दोस्ती के कभी जुनून पर नहीं गये,हम ज़मींन पर रहे मून पर नहीं गये, कहीं पहाडिय़ों से दे न दे मुझे धक्का, बस इसी डर से हनीमून पर नहीं गये।’ सुनाकर लोगों को खूब हंसाया। कवि विश्वनाथ ने सुनाया ‘कलम मेरी किया करती सदा ही देश की पूजा, सदा दुश्मन की छाती पर मैं हिंदुस्तान लिखता हूं।’ कवयित्री सोनी सुगंधा ने सुनाया ‘कभी विश्वास के शीशे को चकनाचूर मत करना,किसी भी आदमी को तुम कभी मजबूर मत करना, गरीबी लाख आ जाये, मुसीबत लाख छा जाए, कभी मां-बाप को नजऱों से अपनी दूर मत करना। गज़़लकार सुशील साहिल ने पढ़ा कि ‘कभी मैं गैर का छोड़ा हुआ हिस्सा नहीं लेता,भले प्यासा ही मर जाऊँ मगर पौआ नहीं लेता,’।
कवि मुज़ावर मालेगांवीं ने हास्य व्यंग्य करते हुए ‘उनको चिंता है अब भी मेकअप की,हो गयी उम्र जिनकी चेकअप की,जाके मैडम से ये कोई कह दे, ये लो चि_ी तुम्हारे ब्रेकअप की।’ सुनाया। राहुल अवस्थी ने कहा कि नजरों की हद से आगे बढ़चकर देखो, अपने कंधों पर भी कुछ चढक़र देखो। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ कवि शरदेंदू शरद ने सुनाया कि सम्हल-सम्हल कर चलना राही, कोमल पग ठोकर खा देंगे।
कार्यक्रम में टीकम नागर व पूजा शर्मा एंड पार्टी द्वारा होली पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी। इस अवसर पर पूर्व विधायक अमरपाल शर्मा ने कहा कि अधिकतर होली के कार्यक्रम शाम के समय होते हैं, लेकिन उन्होंने दोपहर में कार्यक्रम किया जिसमें सैंकड़ों लोगों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। पूर्व विधायक ने कहा कि होली रंगो का त्यौहार है, आपसी मिलन-भाईचारे का पर्व है। घरों में हमारी माता-बहनें पर्व पर पकवान आदि बनाती हैं, लेकिन कुछ लोग शराब के नशे में सब कुछ बिगाड़ देते हैं, त्यौहार खराब कर देते हैं। ऐसे लोगों से मेरी यही अपील है कि होली का पर्व भाईचारे से मनाना चाहिए कि क्योंकि होली का मतलब है, हो-ली यानि जो बीत गया, सो बीत गया अब आगे बढ़ो और भाईचारे के साथ मिलकर होली मनाओ। अमरपाल शर्मा ने कहा कि हमें किसी के बहकावे में आकर बिरादरी में नहीं बंटना है, मजहब में नहीं बंटना है।
हम सबको भाईचारे में रहना है, मिलजुल कर रहना है। यह नहीं कि हम होली खेलने निकले तो दूसरी कौम के व्यक्ति के साथ बदतमीजी करें, यह कौन सी होली है, ये कोई होली नहीं है। सबका सम्मान करें और सभी एकजुट होकर भाईचारे में साथ होली खेलें मेरा सभी से यही अनुरोध है। कार्यक्रम में मंच संचालन प्रो. राहुल अवस्थी ने किया। वहीं कार्यक्रम समन्वयक पंडित नरेन्द्र शर्मा और पंडित राहुल शर्मा भी मौजूद रहे।