हरिद्वार से जल लेकर लौटे कांवडिय़ों का जलाभिषेक के साथ हुआ संकल्प पूरा
नगर संवाददाता
गाजियाबाद (युग करवट)। सावन की शिवरात्रि पर शहर के ऐतिहासिक दूधेश्वरनाथ मंदिर में शिवभक्तों का सैलाब उमड़ा। हजारों की संख्या में हरिद्वार से गंगाजल लेकर आए कांवडिय़ों व स्थानीय भक्तों ने भगवान दूधेश्वर का जलाभिषेक कर अपना संकल्प पूरा किया। रात्रि प्रहर की पूजा के बाद सुबह 4.54 मिनट से चतुर्दशी का जलाभिषेक शुरू हुआ। भक्तों की लाइन का सिलसिला रात से लगना शुरू हुआ तो सुबह तक भी निरंतर भक्त हाथों में गंगाजल लेकर जलाभिषेक के लिए मंदिर पहुंचते रहे।
बच्चों से लेकर महिला और युवाओं से लेकर बुजुर्ग तक सब भगवान भोले की भक्ति में लीन नजर आएं। लगातार हो रही बारिश के बाद भी भक्तों का हौंसला बना हुआ है। निरंतर भक्त हर हर महादेव, बोल बम का जयघोष से मंदिर परिसर को गूंजायमान करते रहे।
इस अवसर पर मंदिर की व्यवस्था संभाल रहे गिरीशानंद गिरी महाराज ने कहा कि सावन का महीना भगवान शिव को बेहद प्रिय है। इस सावन जो भी विशेषकर शिवरात्रि के अवसर पर भगवान का जलाभिषेक करते हैं वह उनपर सदैव कृपा बनाए रखते हैं। गिरीशानंद गिरी महाराज ने कहा कि हरिद्वार गौमुख से गंगाजल लेकर आए कांवडिय़ों का उत्साह देखते ही बनता है। पिछले तीन दिन में लाखों की संख्या में शिवभक्तों ने भगवान भोले का जलाभिषेक किया है। उन्होंने बताया कि इस बार शिवरात्रि पर ग्रहों का भी अद्भुत संयोग बना है। एक साथ चार प्रमुख राजयोग जिसमें हंस राजयोग, गजकेसरी, बुधदित्य और शशि आदित्य राजयोग का संयोग बना है जो शिवभक्तों के लिए बेहद खास है। दूधेश्वरनाथ मंदिर विकास समिति के अध्यक्ष अनुज गर्ग ने बताया कि हर वर्ष की तरह इस बार भी शिवभक्तो के लिए मंदिर समिति की ओर से व्यवस्थाएं की गई हैं। स्वयंसेवकों को जगह-जगह तैनात किया गया है जिससे मंदिर में व्यवस्थाएं बनी रहीं। इसके अलावा भक्तों के लिए गंगाजल की भी सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इस दौरान श्रृंगार सेवा समिति के अध्यक्ष विजय मित्तल, मीडिया प्रभारी एसआर सुथार, धीरज शर्मा, बीके शर्मा हनुमान आदि मौजूद रहे।
भगवान दूधेश्वर के दर्शन को लेट-लेट कर पहुंचे शिवभक्त
जहां अधिकतर लोग पैदल चलकर भगवान दूधेश्वर के जलाभिषेक के लिए पहुंच रहे थे, तो वहीं बड़ी संख्या में भक्तों की ऐसी संख्या भी रही जो लेट-लेट कर भगवान के दरबार पहुंचे। जिसमें बच्चों और महिलाओं की संख्या सबसे अधिक रही। दस वर्षीय कुणाल ने बताया कि वह परिवार की खुशी की मन्नत लेकर लेट-लेट तक भगवान के दर्शन को जा रहा है तो वहीं कुसुम ने बताया कि बच्चों पर हमेशा भगवान भोले की कृपा बनी रही, इसलिए वह ऐसे भगवान के दर्शनों को जा रही है। बारिश के कारण सडक़ों पर फैला कीचड़ भी इन भक्तों के हौंसलों को कम नहीं कर सका। बारिश और कीचड़ में लथपथ होने के बाद भी यह भक्त जिला अस्पताल, ठाकुरद्वारा चौराहे से लेट-लेट कर मंदिर पहुंचे।
बेहोश हुई महिला, मेडिकल टीम ने किया उपचार
मंदिर में भगवान के दर्शनों के लिए लाइन में लगे भक्तों में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब लाइन में लगी एक महिला बेहोश होकर गिर पड़ी। महिला को तत्काल लाइन से निकाला गया और वहां मौजूद मेडिकल टीम ने महिला को प्राथमिक उपचार दिया। करीब दस मिनट की मशक्कत के बाद महिला सामान्य हुई तो उसके बाद मंदिर प्रशासन की ओर से महिला और उसके परिवार को सीधे भगवान भोले के दर्शन कराएं गए।
पुलिस, सिविल डिफेंस व डीवीएफ टीम ने संभाला मोर्चा
सावन की शिवरात्रि पर भक्तों की भीड़ को देखते हुए भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा। जगह-जगह पुलिस कर्मी मौजूद रहे। तो वहीं सिविल डिफेंस के वार्डन, डीवीएफ के स्वयंसेवकों ने भी पुलिस के साथ मोर्चा सम्भाला जिससे मंदिर में व्यवस्थाएं बनी रही। मंदिर में दर्शनों के लिए पांच लाइनों से भक्तों को निकाला जा रहा था। इसके अलावा मंदिर प्रशासन की ओर सभी स्वयंसेवकों को तैनात किया गया था, जो व्यवस्थाएं में जुटे हुए थे।
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