सरकार को कठोर कार्रवाई करनी चाहिए
कल भी मैंने इसी विषय पर अपनी बात रखी थी। देश के कई बड़े पत्रकारों एवं समाज से जुड़े लोगों ने इस विषय को काफी सही बताया और सराहा। दरअसल, हमारे देश में लोकतंत्र के नाम पर आजादी के नाम पर सबकुछ माफ कर दिया जाता है। कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती। नेताओं पर तो बिल्कुल नहीं होती और अब जेनजी निकल आये हैं वो जिस तरह का माहौल बना रहे हैं वो सबके सामने है। बात कहने का अधिकार है, सरकार को सुनना भी चाहिए क्योंकि हम एक लोकतांत्रिक देश में जी रहे हैं लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि आप लोकतंत्र के नाम पर आजादी के नाम पर किसी की भी पगड़ी उछाल दो। सोशल मीडिया पर जाने के बाद जिस-जिस तरह की रीलें और तस्वीरें दिखाई देती है, एक्स पर जिस तरह की तस्वीरें दिखाई देती है उससे क्या संदेश देना चाहते हैं। आज इन रीलों से वीडियो से और अश्लीलता से समाज में संदेश जा रहा है उसका बहुत बड़ा प्रभाव आज के युवाओं पर पड़ रहा है। ये देश युवाओं का है और अगर युवा पीढ़ी गलत रास्ते पर चली गई तो फिर इस देश की तस्वीर क्या होगी ये बताने की जरूरत नहीं है। हम देश में नफरत फैला रहे हैं, एक दूसरे से दूरियां पैदा कर रहे हैं केवल वोट की राजनीति के लिए, सत्ता के लिए लेकिन ये सब भूलते जा रहे हैं कि सत्ता तो आती-जाती रहती है लेकिन लोकतंत्र के नाम पर आजादी के नाम पर हम जो जहर फैला रहे हैं वो हमारे देश की जड़ों को कमजोर कर देगा। पहले भारत के लोकतंत्र की मिसालें दी जाती थी। यहां हजारों भाषाएं, ना जाने कितने धर्म और कितनी जातियों के लोगों का समावेश है लेकिन कभी ऐसा नहीं हुआ कि लोकतंत्र के नाम पर, आंदोलन के नाम पर अशोभनीय भाषा का प्रयोग संवैधानिक पद पर बैठे लोगों के खिलाफ दिखाई दिया हो। अफसोस की बात तो ये है कि जो जितना बड़ा गालीबाज है आज उसी को सिर पर बैठाया जाता है। सिर पर बैठाने वाले ये भूल जाते हैं कि ये गालीबाज कहीं परम्परा ना बन जाये। संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों का एक सम्मान है, भले वो राजनीति से जुड़े हो लेकिन उनके पद का एक सम्मान है। सरकार को चाहिए कि जितने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म है उनकी गंभीरता से मॉनिटरिंग हो और सख्त से सख्त कार्रवाई हो ताकि फिर देश में अच्छा संदेश जाए और लोगों को अच्छा देखने को मिले और अच्छा सुनने को मिले। सरकार जो चाहे वो कर सकती है। ईडी और सीबीआई अगर कार्रवाई कर सकती है तो फिर जब देश में लोकतंत्र के नाम पर अश्लीलता परोस रहे हैं तो उन पर भी कार्रवाई क्यों नहीं होती। क्योंकि आज की गलतियां कल नासूर बन सकती है। जय हिंद