ग्रेटर नोएडा (युग करवट)। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण की 90वीं बोर्ड बैठक अध्यक्ष एवं औद्योगिक विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार की अध्यक्षता में हुई।
बैठक में प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी एवं सदस्य सचिव राकेश कुमार सिंह ने विभागों से जुड़े एजेंडा बिंदु प्रस्तुत किए। बैठक में औद्योगिक विकास, आधारभूत ढांचे, फिल्म सिटी, हैरिटेज सिटी और निवेश परियोजनाओं से संबंधित कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में 31 मई तक प्राधिकरण की पूंजीगत प्राप्तियां 745.85 करोड़ रुपये रहीं, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 522.39 करोड़ रुपये थीं। इस प्रकार प्राधिकरण की आय में 43 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। औद्योगिक विकास की समीक्षा के दौरान बताया गया कि प्रदेश सरकार के जीबीसी-5.0 कार्यक्रम के तहत यमुना प्राधिकरण को 30 हजार करोड़ रुपये का लक्ष्य दिया गया था, जिसके सापेक्ष 30,885.69 करोड़ रुपये की उपलब्धि दर्ज की गई। इस दौरान 136 औद्योगिक इकाइयों ने निवेश किया। बोर्ड ने क्षेत्र में स्थापित हो रही प्रमुख औद्योगिक इकाइयों एस्कॉर्ट्स कुबोटा लिमिटेड और इंडिया चिप प्राइवेट लिमिटेड के लीज डीड प्रारूपों को अंतिम रूप दिया। साथ ही अपैरल पार्क, टॉय पार्क, एमएसएमई पार्क और मेडिकल डिवाइस पार्क सहित औद्योगिक पार्कों की प्रगति की समीक्षा की गई। प्राधिकरण द्वारा अब तक 3175 औद्योगिक भूखंडों का आवंटन किया जा चुका है। इनमें से 2495 आवंटियों ने लीज डीड निष्पादित करा ली है। बोर्ड ने 154 आवंटियों को लीज डीड निष्पादन के लिए 30 दिन का नि:शुल्क समय विस्तार दिया, जबकि शेष 59 आवंटियों को अंतिम अवसर प्रदान करते हुए 30 दिन के भीतर सुनवाई के निर्देश दिए। इसके बाद भी प्रक्रिया पूरी नहीं होने पर आवंटन निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी। फिल्म सिटी परियोजना के कंसेशनायर बेव्यू प्रोजेक्ट्स एलएलपी के प्रतिनिधियों ने परियोजना की कार्ययोजना का प्रस्तुतीकरण दिया। टप्पल-बाजना अर्बन सेंटर के निकट लगभग 8000 हेक्टेयर क्षेत्र को इंडस्ट्रियल नोड के रूप में विकसित करने की दिशा में महायोजना तैयार करने के लिए परामर्शदाता चयन संबंधी आरएफक्यू को भी मंजूरी दी गई। इसके अलावा हाथरस अर्बन सेंटर महायोजना-2041 की प्रगति की समीक्षा की गई। बोर्ड ने किसानों के लिए 7 प्रतिशत आबादी भूखंडों के नियोजन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया। साथ ही बताया गया कि वर्ष 2014-15 से मई 2026 तक किसानों को 3050 करोड़ रुपये अतिरिक्त प्रतिकर के रूप में वितरित किए जा चुके हैं। बैठक में ग्राम फलेदा बांगर स्थित विस्तारित गौशाला के संचालन एवं रखरखाव का कार्य पायलट परियोजना के रूप में किसी स्वयंपोषित एजेंसी या ट्रस्ट को सौंपने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। जेवर क्षेत्र में होंडा इंडिया फाउंडेशन के सहयोग से ‘ट्रैफिक पार्क कम ट्रेनिंग सेंटर’ स्थापित करने की सहमति प्रदान की गई, जिसका निर्माण सीएसआर फंड से किया जाएगा। बोर्ड ने सेक्टर-8, 8ए, 8बी, 8सी, 8डी, 8ई और 8एफ के आंतरिक विकास कार्यों को ईपीसी मोड पर कराने का भी निर्णय लिया।