राजनीति में हार्डिंग्स का अपना अलग और महत्वपूर्ण स्थान है। होर्डिंग्स से नेता की सोच, उसकी आकांक्षा और रणनीति का पता चल जाता है। हालांकि ऐसे भी अनेक नेता होते हैं जो हर पर्व, त्यौहार, कार्यक्रम के समय होर्डिंग लगा लेते हैं। मगर उनको ना तो कोई गंभीरता से लेता है, ना उनकी कोई अहमियत ही समझी जाती है। मगर कुछ ऐसे लोग होते हैं कि जब वह ऐसा कोई कदम उठाते हैं तो लोगों का उस ओर ध्यान भी जाता है और वह चर्चा का विषय भी बन जाता है। जैसा कि अब भाजपा के प्रदेश मंत्री बसंत त्यागी को ही ले लीजिए। बसंत दूसरी बार भाजपा के प्रदेश मंत्री बने हैं। उनकी पत्नी जिला पंचायत अध्यक्ष निर्वाचित हुईं, फिलहाल वह जिला पंचायत की प्रशासक हैं। लेकिन शायद ही कभी किसी ने जनपद में बसंत त्यागी का कोई होर्डिंग देखा हो। परंतु अब अचानक से बसंत त्यागी के होर्डिंग देखने को मिल रहे हैं। महत्वपूर्ण बात यह है कि उनके अधिकतर होर्डिंग मुरादनगर विधानसभा क्षेत्र में लगाए गए हैं। एक विशेष विधानसभा क्षेत्र में होर्डिंग लगे तो चर्चा तो बननी ही थी। लोगों ने कुरेदना शुरू किया तो खबर निकली कि बसंत त्यागी आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा से मुरादनगर सीट से टिकट के लिए दावेदारी करेंगे। यह भी बताया जा रहा है कि उनकी दावेदारी केवल औपचारिकता मात्र नहीं है। बल्कि वह बड़ी गंभीरता से इसकी तैयारी में जुटे हुए हैं। दूसरी तरफ राष्टï्रीय लोकदल के पूर्व जिलाध्यक्ष और जिला पंचायत सदस्य अमित त्यागी सरना के समर्थक भी दावा कर रहे हैं कि अमित भी विधानसभा चुनाव में रालोद से टिकट की दावेदारी करेंगे। लेकिन अभी सीट का खुलासा नहीं किया गया है। उनके समर्थक कह रहे हैं कि चुनाव में अभी समय है। लोनी से मोदीनगर तक किसी सीट पर दावेदारी का दाव समय आने पर चला जाएगा। अमित त्यागी सरना के समर्थक बताते हैं कि दावेदारी महज टिकट मांगने तक सीमित नहीं रहने वाली। दावेदारी टिकट पाने के लिए की जाएगी। बसंत त्यागी और अमित त्यागी सरना दोनों के पास अच्छी टीम है, सामथ्र्य है, अच्छा प्रबंधन है। ऐसे में अगर कोई उनकी दावेदारी को हल्के में लेता है तो वह गलती ही करेगा।