विधानसभा चुनाव २०२७
गाजियाबाद (युग करवट)। पूर्व विधायक प्रशांत चौधरी राजनीति में एक ऐसा नाम है जिनकी पहुंच बहुत ही दूर तक है लेकिन फिर भी वो बहुत ही लॉ प्रोफाइल रहते हैं। वो गुर्जर समाज से आते हैं और उनके समाज में उनकी बहुत ही मजबूत पकड़ है। अपने समाज के अलावा भी अन्य समाज में प्रशांत चौधरी पकड़ रखते हैं। गुर्जर समाज के वे एक ऐसे नेता है जो देश में शायद ऐसे पहले होंगे जिनकी पत्नी भी विधायक बनीं। गुर्जर समाज में दंपत्ति विधायक बनने का सौभाग्य प्रशांत चौधरी को ही मिला है। इतना ही नहीं वो जिस क्षेत्र से भी चुनाव लड़ते अपनी मजबूत पकड़ का अहसास कराते हैं। विधानसभा २०२२ में चुनाव से १९ दिन पहले प्रशांत चौधरी मीरापुर सीट से उम्मीदवार घोषित कर दिया। १९ दिन की तैयारी में प्रशांत चौधरी ने बिना गठबंधन के ८१ हजार वोट लोकर सबको चौंका दिया था। हालांकि यहां से गठबंधन उम्मीदवार की जीत हुई थी। इसके अलावा बीजेपी उम्मीदवार गठबंधन होने के बाद भी ७२ हजार पर सिमट गये थे और प्रशांत चौधरी १९ दिन की तैयारी में ही बिना गठबंधन के इतने वोट लेकर आये। दरअसल, प्रशांत चौधरी का अपना एक अंदाज है। वो चाहे विधायक हों या पूर्व विधायक हों जनता में उनके मिलने तरीका हमेशा एकसा रहता है। यही कारण है कि उनके जन्मदिन पर जिस तरह भीड़ उमड़ती है वो उनके अपने व्यक्तित्व का अहसास कराती है। विधानसभा चुनाव २०२७ को लेकर प्रशांत चौधरी की क्या रणनीति रही होगी इसको लेकर जब उनसे बात की तो उनका कहना था कि वो पार्टी के एक छोटे कार्यकर्ता हैं। पार्टी का जो निर्णय होगा उसी पर वो चलेंगे। पार्टी लड़ाएगी तो लड़ लेंगे और नहीं तो जिसको कहेगी उसको लड़ाएंगे। किस सीट से लडऩा चाहते हैं इस पर उन्होंने अपने पत्ते नहीं खोले। लेकिन प्रशांत चौधरी ने अब लखनऊ से लेकर दिल्ली तक मुलाकातों का दौर शुरू कर दिया। संगठन की बात करें तो यूपी के संगठन में उनकी मजबूत पकड़ है वहीं संघ के एक पदाधिकारी के भी वो निकट हैं। प्रशांत चौधरी ने कल भाजपा के कई बड़े नेताओ ंसे मुलाकात की। मुलाकात कराने में महाराष्टï्र के एक बड़े नेता की भूमिका रही जिनकी भाजपा में मजबूत पकड़ है। प्रशांत चौधरी कल केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से जहां मिले वहीं भाजपा यूपी के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी से भी प्रशांत चौधरी ने लंबी बातचीत की। प्रशांत चौधरी की मुलाकातों के बाद राजनीतिक क्षेत्रों में चर्चा चल रही है कि पार्टी उन्हें जरूर मौका देगी। वहीं ये भी चर्चा है कि प्रशांत चौधरी किसी नई सीट से पारी खेलेंगे या फिर किसी को जोर का झटका धीरे से देंगे।