गाजियाबाद (युग करवट)। इंडियन काउंसिल ऑफ मैनेजमेंट के चेयरमैन सत्येन्द्र सिंह ने नोएडा हिंसा मामले में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि नोएडा में हुई आगजनी, तोडफ़ोड़ और हिंसक घटनाएं न केवल कानून-व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लगाती हैं, बल्कि उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास और निवेश वातावरण पर सीधा हमला हैं। लगभग 500 से अधिक औद्योगिक इकाइयों में तोडफ़ोड़, 20 से अधिक वाहनों को आग के हवाले करना और सडक़ों को अवरुद्ध कर अराजकता फैलाना किसी भी दृष्टि से सामान्य विरोध नहीं, बल्कि एक संगठित हिंसक अभियान है।
गंभीर बात यह है कि पिछले कई दिनों से इस प्रकार की गतिविधियों के संकेत मिल रहे थे, यहां तक कि पत्थरबाजी की तैयारी तक की खबरें सामने आई थीं, फिर भी पुलिस की निष्क्रियता सवालों के घेरे में है। यदि समय रहते सख्त और प्रभावी कदम उठाए जाते, तो इस बड़े नुकसान को रोका जा सकता था। घटनास्थलों के दृश्य साफ दर्शाते हैं कि हिंसा में केवल श्रमिक ही नहीं, बल्कि बड़ी संख्या में बाहरी तत्व भी शामिल थे।