बुधवार को समाजवादी पार्टी के राष्टï्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का जन्मदिन था। गाजियाबाद में समाजवादी पार्टी के कार्यालय ये लेकर नवयुग मार्केट तक कई कार्यक्रम किए गए। केक काटा गया, भंडारा किया गया, पौधारोपण भी हुआ। पार्टी कार्यालय पर संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे। मगर पार्टी के सामान्य कार्यकर्ता बहुत ज्यादा नजर नहीं आए। हालांकि पूर्व प्रत्याशी, भावी प्रत्याशी आदि ने माहौल बनाने का पूरा प्रयास किया। समाजवादी पार्टी प्रदेश में दूसरे नबर की पार्टी है, मुख्य विपक्षी दल है। इस नाते कार्यक्रमों में भीड़ अधिक होनी चाहिए थी। अब यह नहीं कहा जा सकता कि आयोजक लोगों तक संदेश पहुंचा नहीं पाए, या लोग आए ही नहीं। नवयुग मार्केट में प्रदेश सचिव अभिषेक गर्ग ने जरूर कार्यक्रम की भव्यता बनाए रखी। ऐसा नहीं है कि समाजवादी पार्टी में नेताओं या कार्यक्रमों की कोई कमी है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव के जन्मदिन के कार्यक्रमों में भीड़ उमडऩी चाहिए थी, वैसा हुआ नहीं। इससे यह लगता है कि आम जनता अभी समाजवादी पार्टी के साथ मन से जुड़ नहीं रही हैं। यह विधानसभा चुनाव के लिहाज से सही नहीं माना जा सकता। मैं पहले भी इस कालम में कई बार लिख चुका हूं कि समाजवादी पार्टी के गाजियाबाद के कर्ताधर्ताओं को अपने गिरेबान में झांकने की जरूरत है। अगर सपा को आगामी विधानसभा चुनाव में परिणाम अपने पक्ष में चाहिए तो समय रहते मेहनत शुरू कर देनी चाहिए। अपने कार्यक्रमों में आम जनता की भागीदारी बढ़ानी चाहिए। जनता से मेलजोल बढ़ाना चाहिए। यदि जनता ही पार्टी से नहीं जुड़ेगी तो विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी आशा के अनुरूप परिणाम हासिल नहीं कर पाएगी। परिणाम सकारात्मक चाहिए तो मेहनत भी उसी के अनुरूप करनी ही पड़ेगी।