लखनऊ (युग करवट)। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अहम बैठक से पहले रामनगरी में हलचल बढ़ गई है। राम मंदिर के पहले मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) की नियुक्ति समेत ट्रस्ट की डीड और न्यास नियमावली में संशोधन सहित कई महत्वपूर्ण फैसलों पर आज मंथन चल रहा है। ट्रस्ट की बैठक आज मणिरामदास की छावनी में ट्रस्ट अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास की अध्यक्षता में हो रही है। अधिकांश ट्रस्टी अयोध्या पहुंच चुके हैं, जबकि कुछ ट्रस्टी ऑनलाइन बैठक से जुड़ रहे हैं। बैठक से पहले ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने अंतरिम महासचिव डॉ. कृष्ण मोहन के साथ रामलला के दरबार में हाजिरी लगाई। दोनों ने रामलला के दर्शन-पूजन के साथ मंदिर की मौजूदा व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। ट्रस्ट की बैठक के पहले चरण में सीईओ की नियुक्ति और ट्रस्ट में रिक्त पदों पर नए सदस्यों के चयन को लेकर मंथन चल रहा है। सीईओ के चयन के लिए गठित तीन सदस्यीय सर्च कमेटी अपनी ओर से तीन नामों का पैनल पहले ही ट्रस्ट अध्यक्ष को सौंप चुकी है। अब ट्रस्ट की सहमति के बाद किसी एक नाम पर अंतिम मुहर लग सकती है। सीईओ के चयन के साथ ही उसके अधिकारों और जिम्मेदारियों को लेकर भी चर्चा होने की संभावना है। बैठक में ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय और पूर्व ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र को लेकर भी फैसला महत्वपूर्ण माना जा रहा है। चढ़ावा चोरी प्रकरण के बाद दोनों ने अपने पदों से इस्तीफा दिया था। हालांकि पिछले कुछ समय में दोनों की सामाजिक गतिविधियां बढ़ी हैं। ऐसे में ट्रस्ट में उनकी संभावित वापसी को लेकर भी अटकलें लगाई जा रही हैं। सूत्रों के अनुसार, जांच की मौजूदा स्थिति में चंपत राय को लेकर राहत की बात सामने आने के बाद उनके दोबारा ट्रस्ट से जुडऩे की संभावना पर चर्चा हो सकती है। हालांकि इस संबंध में अंतिम निर्णय ट्रस्ट की बैठक में ही स्पष्ट होगा।