ग्रेटर नोएडा (युग करवट)। अदालत के आदेश पर सूरजपुर पुलिस ने एक बच्चे के इलाज को लेकर गलत रिपोर्ट तैयार कर रुपये वसूलने और जान जोखिम में डालने के मामले में ग्रीन सिटी अस्पताल के प्रबंधक, डॉक्टरों और कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। अधिवक्ता सचिन बिधुड़ी ने बताया कि उन्होंने 20 सितंबर 2025 को अपने पुत्र सात्विक को बुखार की शिकायत पर ग्रीन सिटी अस्पताल में भर्ती कराया था। अस्पताल ने जांच के लिए ब्लड सैंपल लिया था। रिपोर्ट आने पर डॉक्टर ने बताया कि बच्चे को आईसीयू की जरूरत है और उसका ब्लड यूरिया, पोटेशियम व सोडियम काफी बढ़ा हुआ है। रिपोर्ट की पुष्टि के लिए अस्पताल ने दोबारा दूसरी लैब में सैंपल भेजा, लेकिन वहां से भी पहले जैसी रिपोर्ट आई। इसके बाद डॉक्टर ने तुरंत कागजात पर सहमति के हस्ताक्षर करने और रुपये जमा करने को कहा। उन्होंने बताया कि बच्चे की किडनी खराब हो चुकी है और डायलिसिस जरूरी है। डॉक्टर ने यह भी कहा कि डायलिसिस के दौरान बच्चे का हार्ट फेल हो सकता है और जान भी जा सकती है। इसके बाद परिजन बच्चे को दूसरे अस्पताल ले गए। डॉक्टरों ने ग्रीन सिटी की रिपोर्ट देखकर बच्चे को हायर सेंटर ले जाने को कहा। इसके बाद बच्चे को डॉक्टर की निगरानी में एंबुलेंस से नोएडा सेक्टर-27 स्थित अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे तुरंत आईसीयू में रखकर उपचार शुरू किया गया। डॉक्टर ने दावा किया कि ग्रीन सिटी अस्पताल की सारी जांच रिपोर्ट गलत थी। बच्चे को कोई बीमारी नहीं है। बच्चे को टाइफाइड है। इस संबंध में अधिवक्ता ने अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर पुलिस से शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। अब न्यायालय के आदेश पर मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।